पूर्वोत्तर भारत में पहले श्री वेंकटेश्वर मंदिर की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) ने मंगलवार को असम के कामरूप महानगर जिले के अमेरीगोग गांव में 10 एकड़ भूमि का औपचारिक रूप से कब्जा प्राप्त किया।
असम सरकार ने यह भूमि टीटीडी के नाम पर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर दी और संबंधित दस्तावेज टीटीडी ट्रस्ट बोर्ड के अध्यक्ष बी. आर. नायडू (बी. आर. नायडू) के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल को सौंप दिए।
यह भूमि श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर के निर्माण के लिए आवंटित की गई है, जिसे पूर्वोत्तर क्षेत्र में आस्था और सांस्कृतिक विस्तार की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
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टीटीडी अधिकारियों के अनुसार, यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगा, बल्कि यह दक्षिण और पूर्वोत्तर भारत के बीच सांस्कृतिक एकता को भी मजबूत करेगा। मंदिर निर्माण के लिए आधारशिला जल्द ही रखे जाने की संभावना है, जिसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
असम सरकार और टीटीडी के बीच इस परियोजना को लेकर लंबे समय से बातचीत चल रही थी। अब भूमि हस्तांतरण पूरा होने के बाद निर्माण कार्य की प्रक्रिया को तेज किया जाएगा।
स्थानीय प्रशासन ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है और इसे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है। उम्मीद की जा रही है कि मंदिर बनने के बाद यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी लाभ मिलेगा।
टीटीडी ने कहा है कि यह परियोजना भगवान वेंकटेश्वर के भक्तों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी और पूरे देश में आध्यात्मिक एकता का संदेश देगी।
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