अमेरिका में रिपब्लिकन सांसदों के एक समूह ने H-1B वीजा कार्यक्रम को लेकर बड़ा विधेयक पेश किया है, जिसमें इस योजना पर तीन साल की रोक लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। यह बिल अमेरिकी कांग्रेस में पेश किया गया है और इसका उद्देश्य विदेशी श्रमिकों के कथित दुरुपयोग को रोकना बताया जा रहा है।
इस विधेयक का नाम “End H-1B Visa Abuse Act of 2026” रखा गया है। इसे एरिजोना से सांसद एली क्रेन ने पेश किया है और सात अन्य रिपब्लिकन सांसदों ने इसका समर्थन किया है। सह-प्रायोजकों में ब्रायन बाबिन, ब्रैंडन गिल, वेस्ली हंट, कीथ सेल्फ, एंडी ओगल्स, पॉल गोसार और टॉम मैकक्लिंटॉक शामिल हैं।
बिल में कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव है, जिसमें H-1B वीजा की वार्षिक सीमा को 65,000 से घटाकर 25,000 करना शामिल है। साथ ही न्यूनतम वेतन सीमा 2,00,000 अमेरिकी डॉलर प्रति वर्ष निर्धारित करने और वीजा धारकों को अपने आश्रितों को अमेरिका लाने से रोकने का भी प्रस्ताव है।
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इसके अलावा, मौजूदा लॉटरी प्रणाली को हटाकर वेतन आधारित चयन प्रणाली लागू करने, कंपनियों को यह प्रमाणित करने की शर्त रखने कि कोई योग्य अमेरिकी नागरिक उपलब्ध नहीं है, और हाल में छंटनी न होने की पुष्टि करने जैसे प्रावधान भी शामिल हैं। बिल में यह भी कहा गया है कि H-1B धारक एक से अधिक नौकरी नहीं कर सकेंगे और थर्ड पार्टी स्टाफिंग कंपनियां उन्हें नियुक्त नहीं कर पाएंगी।
प्रस्ताव में यह भी शामिल है कि गैर-आप्रवासी कर्मचारियों को स्थायी निवास (ग्रीन कार्ड) की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी और उन्हें वीजा बदलने से पहले अमेरिका छोड़ना होगा।
सांसद एली क्रेन ने कहा कि यह कदम अमेरिकी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए जरूरी है। वहीं अन्य सांसदों ने भी कहा कि यह बिल अमेरिकी श्रमिकों के हितों की रक्षा करेगा और नौकरी बाजार में निष्पक्षता सुनिश्चित करेगा।
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