महाराष्ट्र में शिवसेना (यूबीटी) के पूर्व सांसद विनायक राउत की बहू गिरिजा राउत ने अपने पति गीतेश राउत और ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों पर जादू-टोना, अंधविश्वास और घरेलू अत्याचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में ठाणे शहर के कापुरबावड़ी पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने इस मामले में कुल सात लोगों को आरोपी बनाया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने फिरोज अदम शेख नामक एक बाबा को गिरफ्तार किया है। आरोपी बाबा को ठाणे कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
गिरिजा राउत के अनुसार, वर्ष 2017 में उनकी शादी गीतेश राउत से हुई थी, लेकिन शादी के बाद से ही उनके बीच वैवाहिक संबंध सामान्य नहीं रहे। उनका आरोप है कि पति लगातार उनसे दूरी बनाए रखते थे और परिवार की ओर से बेहतर पारिवारिक जीवन के नाम पर जादू-टोना और कथित अघोरी प्रथाओं का सहारा लिया जाता था।
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गिरिजा ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार इन गतिविधियों का विरोध किया, लेकिन उन्हें चुप करा दिया जाता था। उन्होंने मारपीट और अभद्र भाषा के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है।
गिरिजा का कहना है कि घर में नींबू काटने, अगरबत्ती की भभूत का पानी पिलाने जैसे कथित अंधविश्वासी कार्य किए जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि विनायक राउत भी ऐसी प्रथाओं को बढ़ावा देते थे। उन्होंने बताया कि पति गीतेश बड़ी मात्रा में नकदी लेकर आते थे और उनसे पैसे गिनने के लिए कहा जाता था। एक बार करीब 18 लाख रुपये गिनने को भी कहा गया था, लेकिन पैसे के स्रोत के बारे में जानकारी नहीं दी गई।
गिरिजा ने कहा कि उन्होंने घरेलू हिंसा की शिकायत जरूर की है, लेकिन पांच करोड़ रुपये, हर महीने दो लाख रुपये, फ्लैट या कार की मांग करने के आरोप गलत हैं।
गिरिजा की मां पूजा पवार ने कहा कि उनकी बेटी पिछले तीन वर्षों से पति से अलग रह रही है और अब वह तलाक के लिए अदालत में आवेदन करेंगी। उन्होंने कहा कि परिवार को केवल न्याय चाहिए।
गिरिजा राउत के वकील सागर कदम ने कहा कि पुलिस से सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि मामले में अंधविश्वास विरोधी कानून और घरेलू हिंसा के तहत कार्रवाई की मांग की गई है।
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