वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने सोशल मीडिया से पोस्ट हटाने के अनुरोधों में अमेरिकी फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआई) के नाम के कथित इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार से संपर्क करने का फैसला किया है। पार्टी का कहना है कि आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को भेजे गए कुछ टेकडाउन अनुरोधों में एफबीआई के नाम का कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया।
वाईएसआरसीपी ने इस मामले को विदेश मंत्रालय और केंद्र की अन्य संबंधित एजेंसियों के सामने उठाने का निर्णय लिया है। पार्टी इस पूरे मामले में केंद्र से स्पष्टीकरण और आवश्यक कार्रवाई की मांग करने की तैयारी कर रही है।
पार्टी के अनुसार, सोशल मीडिया कंपनियों को सामग्री हटाने के लिए भेजे गए कथित अनुरोधों में अमेरिकी जांच एजेंसी के नाम का उल्लेख गंभीर विषय है। वाईएसआरसीपी का कहना है कि किसी विदेशी सरकारी या जांच एजेंसी के नाम का इस्तेमाल किस आधार पर किया गया, इसकी जांच होनी चाहिए।
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वाईएसआरसीपी ने इस मुद्दे को केंद्र के सामने उठाने का फैसला ऐसे समय में किया है, जब सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सामग्री हटाने के सरकारी अनुरोधों को लेकर पारदर्शिता और प्रक्रिया से जुड़े सवाल लगातार चर्चा में रहते हैं।
पार्टी विदेश मंत्रालय के अलावा केंद्र की अन्य एजेंसियों के समक्ष भी अपनी शिकायत और उपलब्ध जानकारी रखने की तैयारी में है। वाईएसआरसीपी का कहना है कि मामले के तथ्यों की जांच के बाद यह स्पष्ट होना चाहिए कि आंध्र प्रदेश पुलिस ने कथित रूप से एफबीआई के नाम का इस्तेमाल क्यों और किस प्रक्रिया के तहत किया।
वहीं, इस मामले में आंध्र प्रदेश पुलिस का पक्ष और एफबीआई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने की जानकारी नहीं है। इसलिए फिलहाल सोशल मीडिया टेकडाउन अनुरोधों में एफबीआई के नाम के कथित इस्तेमाल से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।
वाईएसआरसीपी के केंद्र से संपर्क करने के फैसले के बाद यह मामला विदेश मंत्रालय और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के स्तर पर उठाया जा सकता है।
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