हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता भरत कपूर का सोमवार मुंबई स्थित उनके आवास पर कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया। वह 80 वर्ष के थे। उनके निधन की पुष्टि उनके करीबी मित्र और अभिनेता अवतार गिल ने की।
The Indian Witness के अनुसार, भरत कपूर ने दोपहर करीब 3:30 बजे अंतिम सांस ली। उनके बेटे राहुल ने परिवार और करीबी लोगों को इस दुखद खबर की सूचना दी। बताया गया कि वह पिछले तीन दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे।
अवतार गिल ने भावुक होते हुए कहा कि उन्होंने भरत कपूर के साथ 50 से अधिक वर्षों तक काम किया और यह उनके लिए एक बड़े भाई, मार्गदर्शक और मित्र को खोने जैसा है। वहीं फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने भी उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें एक बेहतरीन इंसान बताया।
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भरत कपूर का अंतिम संस्कार सोमवार शाम सायन स्थित श्मशान घाट में परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में किया गया। उनके चौथे की रस्म 30 अप्रैल को नॉर्थ बॉम्बे एसोसिएशन में आयोजित की जाएगी। इस दौरान अभिनेता राकेश बेदी और निर्देशक रमेश तलवार समेत कई लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी।
1972 में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत करने वाले भरत कपूर ने करीब चार दशकों तक हिंदी सिनेमा में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने “हिंदुस्तान की कसम”, “सोने पे सुहागा” और “बलिदान” जैसी फिल्मों में यादगार अभिनय किया। इसके अलावा “आखिरी रास्ता”, “नूरी”, “राम बलराम” और “इंकार” जैसी फिल्मों में भी उनके किरदारों को सराहा गया।
फिल्मों के अलावा उन्होंने टेलीविजन धारावाहिकों में भी अपनी छाप छोड़ी और एक बहुमुखी अभिनेता के रूप में पहचान बनाई।
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