भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता यानी एफटीए 20 अक्टूबर से लागू हो जाएगा। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि समझौते के लागू होने से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
27 अप्रैल को हुआ था समझौता
पीयूष गोयल ने नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत में बताया कि भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते पर 27 अप्रैल को हस्ताक्षर किए गए थे। समझौते के प्रभावी होने के साथ ही न्यूजीलैंड के बाजार में भारतीय निर्यात को महत्वपूर्ण शुल्क राहत मिलेगी।
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मंत्री के अनुसार, समझौते के तहत भारत के 100 प्रतिशत निर्यात को न्यूजीलैंड में शुल्कमुक्त प्रवेश मिलेगा। यह सुविधा समझौते के लागू होने के दिन से ही प्रभावी होगी।
भारतीय निर्यातकों को मिलेगा बड़ा बाजार
एफटीए के लागू होने से भारतीय कंपनियों और निर्यातकों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में पहुंच आसान होने की उम्मीद है। शुल्कमुक्त पहुंच से भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति मजबूत हो सकती है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
समझौते से भारत और न्यूजीलैंड के बीच द्विपक्षीय व्यापार के साथ निवेश संबंधों को भी मजबूती मिलने की संभावना है। सरकार का जोर वैश्विक बाजारों में भारतीय उत्पादों की पहुंच बढ़ाने और निर्यात के लिए नए अवसर तैयार करने पर है।
व्यापारिक रिश्तों को मिलेगी नई गति
भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार संबंधों को विस्तार देने की दिशा में यह समझौता महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 20 अक्टूबर से इसके लागू होने के बाद दोनों देशों के कारोबारियों के लिए व्यापार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है।
भारत सरकार के मुताबिक, शुल्कमुक्त बाजार पहुंच भारतीय निर्यातकों को न्यूजीलैंड में अपने उत्पादों की मौजूदगी बढ़ाने में मदद कर सकती है। साथ ही, बढ़ते व्यापार के साथ दोनों देशों के बीच निवेश और कारोबारी सहयोग के नए रास्ते खुल सकते हैं।
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