लोकसभा में बजट सत्र के दौरान बुधवार को राजनीतिक माहौल काफी गर्म नजर आया, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। बजट 2026-27 पर जारी चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है और आरोप लगाया कि यह समझौता भारत के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।
राहुल गांधी का यह भाषण उस विवाद के बीच आया है, जिसमें उन्हें पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण का हवाला देने से रोका गया था। इस मुद्दे को लेकर विपक्षी दल पिछले कई दिनों से संसद में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। संसद की कार्यवाही फिर से शुरू होने के बाद राहुल गांधी ने सरकार की आर्थिक और व्यापार नीतियों पर सवाल उठाए।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से देश के छोटे उद्योगों, किसानों और मध्यम वर्ग पर असर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के बजाय बड़े कॉरपोरेट हितों को प्राथमिकता दी है। उनके बयान के बाद सदन में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली।
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सत्र के दौरान बजट से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा जारी रही। विपक्ष ने महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक नीतियों को लेकर सरकार को घेरा, जबकि सरकार ने अपने फैसलों का बचाव किया और कहा कि बजट देश की दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती के लिए तैयार किया गया है।
लोकसभा में जारी यह बहस आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। राहुल गांधी के बयान ने संसद में राजनीतिक तनाव को और बढ़ा दिया है और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर नई बहस छेड़ दी है।
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