दिल्ली के उत्तम नगर में होली के दौरान हुई हत्या के मामले में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने सख्त कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी निजामुद्दीन की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाया। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आरोपी से जुड़ी अवैध संरचनाओं को हटाने के लिए की गई है। इस मामले में अब तक एक नाबालिग सहित सात लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
यह घटना 25 वर्षीय युवक तरुण की हत्या से जुड़ी है, जिसकी मौत होली के जश्न के दौरान हुई हिंसा में हो गई थी। पुलिस के अनुसार, 4 मार्च की रात लगभग 10:30 बजे एक मामूली घटना ने बड़े विवाद का रूप ले लिया। बताया गया कि एक 9 वर्षीय लड़की ने गलती से अपने घर की छत से एक गुब्बारा नीचे खड़ी महिला पर गिरा दिया था। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो बाद में हिंसक झड़प में बदल गई।
देखते ही देखते करीब 20 से 25 लोग इस झगड़े में शामिल हो गए और स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान हुई मारपीट में तरुण की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में हत्या और अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है।
और पढ़ें: त्रिची पुलिस ने 9 मार्च को डीएमके राज्य सम्मेलन को देखते हुए यातायात परिवर्तन की घोषणा की
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे “दिल दहला देने वाली और निंदनीय” बताया। उन्होंने कहा कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने पीड़ित परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार इस कठिन समय में उनके साथ खड़ी है।
इस मामले में द्वारका के डीसीपी कुशल पाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए घटनास्थल से पांच लोगों को गिरफ्तार किया, जिनमें एक 17 वर्षीय नाबालिग भी शामिल है। बाद में परिवार के बयान के आधार पर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत प्रत्येक क्षेत्र में डीसीपी, सेक्टर स्तर पर एसीपी और उप-सेक्टर में एएसआई को जिम्मेदारी दी गई है। इसके अलावा सीआरपीएफ और आरएएफ की टीमों को भी तैनात किया गया है।
पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है और शुरुआती विवाद में शामिल महिला से भी पूछताछ की जा रही है।
और पढ़ें: अशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में हमला, स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ मामला दर्ज करने वाले साधु घायल