आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम हवाईअड्डे ने यात्री यातायात के मामले में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। हवाईअड्डा प्रशासन के अनुसार, पिछले 11 वर्षों में यहां यात्रियों की संख्या में लगभग 170 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014-15 में जहां हवाईअड्डे से 10.98 लाख यात्रियों ने यात्रा की थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 29.68 लाख तक पहुंच गई है।
विशाखापट्टनम हवाईअड्डे के निदेशक ने बताया कि यह उपलब्धि क्षेत्र में बढ़ती हवाई संपर्क सुविधाओं, आर्थिक गतिविधियों और यात्रियों की बढ़ती मांग का परिणाम है। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को चिह्नित करने के लिए हवाईअड्डा प्रशासन 15 जून 2026 को "यात्री सुविधा दिवस" मनाएगा।
यात्रियों की संख्या में वृद्धि के साथ-साथ विमान संचालन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2014-15 में जहां हवाईअड्डे पर 11,306 विमान आवागमन दर्ज किए गए थे, वहीं वर्ष 2025-26 में यह आंकड़ा बढ़कर 21,799 हो गया है। यानी इस अवधि में विमान संचालन लगभग दोगुना हो गया है।
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हवाईअड्डा अधिकारियों का मानना है कि विशाखापट्टनम हवाईअड्डा अब उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश का प्रमुख विमानन केंद्र बन चुका है। यह न केवल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण हवाई संपर्क उपलब्ध करा रहा है, बल्कि क्षेत्रीय व्यापार, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक गतिविधियों को भी नई गति दे रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ते विमान संचालन और यात्री संख्या से यह स्पष्ट है कि विशाखापट्टनम देश के प्रमुख उभरते विमानन केंद्रों में शामिल हो रहा है। आने वाले वर्षों में बुनियादी ढांचे के विस्तार और नई उड़ानों की शुरुआत से इस विकास को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
हवाईअड्डा प्रशासन ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे भविष्य में और अधिक विकास संभव हो सकेगा।
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