कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के एक बयान ने देश की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। जयपुर में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गहलोत ने कहा कि यदि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं, तो वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर प्रतिबंध लगा देतीं। उनके इस बयान के बाद भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर लोकतांत्रिक मूल्यों और हिंदुत्व विरोधी राजनीति का आरोप लगाया है।
अशोक गहलोत ने कहा कि वर्तमान समय का राजनीतिक माहौल बेहद चिंताजनक और खतरनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में धार्मिक ध्रुवीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है और समाज को विभाजित करने की कोशिश हो रही है। गहलोत ने कहा, "मैं पूरी जिम्मेदारी के साथ कह रहा हूं कि अगर इंदिरा गांधी आज जीवित होतीं तो भाजपा जैसी पार्टी पर प्रतिबंध लगा देतीं।"
उन्होंने भाजपा की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में मुस्लिम उम्मीदवारों को टिकट न देने का मुद्दा उठाते हुए गहलोत ने कहा कि भाजपा कम से कम प्रतीकात्मक रूप से कुछ मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतार सकती थी। उनके अनुसार, इससे समावेशी राजनीति का संदेश जाता, लेकिन भाजपा खुद को पूरी तरह हिंदुत्व आधारित पार्टी के रूप में प्रस्तुत करना चाहती है।
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भाजपा ने गहलोत के बयान को भड़काऊ और कांग्रेस की विचारधारा का प्रतिबिंब बताया। पार्टी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा कि कांग्रेस और हिंदुत्व के बीच विरोध की भावना लंबे समय से रही है और गहलोत का बयान उसी सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि हिंदुत्व को सर्वोच्च न्यायालय भी जीवन शैली के रूप में मान्यता दे चुका है।
केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने भी गहलोत पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बयान इंदिरा गांधी के आपातकाल कालीन शासन और कथित तानाशाही मानसिकता की याद दिलाता है। रिजिजू ने लोगों को कांग्रेस की वंशवादी राजनीति से सावधान रहने की सलाह दी।
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