हिमाचल प्रदेश के कार्यवाहक मुख्य सचिव कमलेश पंत ने पदभार संभालने के बाद राज्य में कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी और तेज क्रियान्वयन तथा मानसून से जुड़ी तैयारियों को अपनी प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है। अतिरिक्त जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने प्रशासन को अधिक जवाबदेह, संवेदनशील और जन-केंद्रित बनाने पर जोर दिया।
कमलेश पंत ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर लोगों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली बाधाओं को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य शासन को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाना है, ताकि आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। इसके लिए जिला और उपमंडल स्तर पर अधिकारियों को भी सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए जाएंगे।
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मानसून को लेकर उन्होंने विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता पर बल दिया। हिमाचल प्रदेश में हर वर्ष भारी बारिश, भूस्खलन और बाढ़ जैसी प्राकृतिक चुनौतियां सामने आती हैं। ऐसे में आपदा प्रबंधन तंत्र को मजबूत करने, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी बढ़ाने और राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं को तैयार रखने पर जोर दिया जाएगा।
कमलेश पंत ने कहा कि संबंधित विभागों को मानसून से पहले सभी आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए जाएंगे, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने लोगों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए लगातार समीक्षा की जाएगी। राज्य सरकार की विकास और कल्याणकारी योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के साथ-साथ जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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