मध्य-पूर्व में जारी युद्ध के बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव अब पूर्ण युद्ध का रूप लेता दिखाई दे रहा है। एक ओर ईरान ने अमेरिका के साथ हुए अंतरिम समझौते से पीछे हटने का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका लगातार ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर हवाई हमले कर रहा है। इस बीच एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान की बदली हुई मिसाइल रणनीति अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने अपनी बैलेस्टिक मिसाइलों की तकनीक और हमले के तरीके में बदलाव किया है। दावा किया गया है कि नई मिसाइलें पहले की तुलना में अधिक तेज गति से उड़ान भर रही हैं और लक्ष्य के करीब पहुंचकर अचानक दिशा बदलने में सक्षम हैं। इस कारण उन्हें हवा में रोकना अमेरिकी रक्षा प्रणाली के लिए काफी कठिन हो गया है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान अब संवेदनशील सैन्य ठिकानों पर अधिक सटीकता से हमला कर रहा है। अमेरिकी रक्षा विभाग को आशंका है कि यह नई रणनीति उसकी मिसाइल रक्षा प्रणाली की प्रभावशीलता को प्रभावित कर सकती है।
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हाल ही में जॉर्डन स्थित मुवफ्फक साल्टी एयरबेस पर ईरान ने कई बैलेस्टिक मिसाइलें दागीं। इनमें से एक मिसाइल अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम को भेदते हुए सीधे एयरबेस पर जा गिरी। इस हमले में दो अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई, एक सैनिक लापता बताया गया है, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
इस हमले के बाद अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई करते हुए लगातार आठवीं रात भी ईरान पर हवाई हमले किए। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि इन हमलों को उनकी मंजूरी से अंजाम दिया गया और यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों की मौत के जवाब में की गई।
बढ़ते सैन्य संघर्ष और नई मिसाइल तकनीक के कारण पूरे क्षेत्र में तनाव और गहराने की आशंका जताई जा रही है।
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