अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान द्वारा अमेरिका के साथ शांति वार्ता से सार्वजनिक तौर पर इनकार किए जाने को खारिज करते हुए इसे "फारसी वार्ता रणनीति" करार दिया है। उन्होंने कहा कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते हैं तो अमेरिका के पास अन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
द माइकल नोल्स शो में बातचीत के दौरान जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच तकनीकी स्तर की वार्ताएं जारी हैं। उन्होंने बताया कि ये बातचीत पहले से चल रही वार्ताओं को आगे बढ़ाने के लिए हो रही है और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी।
वेंस ने कहा कि ईरान एक ओर सार्वजनिक रूप से शांति वार्ता से इनकार करता है, जबकि दूसरी ओर शांति समझौते से जुड़ी तकनीकी बैठकों की बात स्वीकार करता है। उनके अनुसार, यह ईरान की पारंपरिक वार्ता शैली का हिस्सा है।
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एक इंटरव्यू में जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका ईरान के बयानों से ज्यादा उसके कदमों पर ध्यान दे रहा है। उन्होंने कहा कि बातचीत के दौरान ईरान की ओर से कुछ सकारात्मक और कुछ चिंताजनक संकेत मिले हैं। यदि कोई अंतिम समझौता होता है तो इसके लिए ईरानी नेतृत्व को ठोस रियायतें देनी होंगी।
उन्होंने बताया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अधिकारियों को वार्ता जारी रखने का निर्देश दिया है। साथ ही यह भी कहा है कि यदि कूटनीतिक समाधान नहीं निकलता है तो अमेरिका के पास अन्य विकल्प खुले रहेंगे।
इस बीच, व्हाइट हाउस के दूत स्टीव विटकॉफ और जारेड कुशनर दोहा पहुंचे। इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि ईरान ने कतर की राजधानी दोहा में बैठक का अनुरोध किया है। हालांकि, ईरान ने अमेरिका के साथ किसी प्रत्यक्ष वार्ता से इनकार किया और कहा कि बातचीत कतर की मध्यस्थता में समझौता ज्ञापन (एमओयू) के प्रावधानों को लागू करने पर केंद्रित होगी।
वेंस ने दोहराया कि वार्ता के दौरान अमेरिका रणनीतिक रूप से मजबूत स्थिति में है और उसे अपनी बातचीत की क्षमता पर पूरा भरोसा है।
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