मध्य पेरू में शनिवार, 18 जुलाई 2026 को भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यूरोपीय भूमध्यसागरीय भूकंप विज्ञान केंद्र (ईएमएससी) के अनुसार, इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.6 दर्ज की गई है। भूकंप के बाद स्थानीय लोगों में चिंता और दहशत का माहौल बन गया।
ईएमएससी के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर करीब 22 किलोमीटर की गहराई पर स्थित था। फिलहाल भूकंप के कारण किसी बड़े नुकसान या जान-माल की हानि की तत्काल जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, प्रशासन और स्थानीय एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
भूकंप के झटके महसूस होने के बाद कई इलाकों में लोग एहतियात के तौर पर अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए। स्थानीय अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
और पढ़ें: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तीन देशों की यूरोपीय यात्रा पर रवाना, व्यापार और तकनीकी संबंधों को मिलेगा बढ़ावा
पेरू भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में शामिल देशों में से एक है, क्योंकि यह प्रशांत महासागरीय भूकंपीय क्षेत्र (रिंग ऑफ फायर) में स्थित है। इस क्षेत्र में टेक्टोनिक प्लेटों की गतिविधियों के कारण अक्सर भूकंप आते रहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, मध्यम तीव्रता के भूकंप भी यदि कम गहराई पर आते हैं तो वे स्थानीय स्तर पर नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए भूकंप के बाद संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।
प्रशासन ने अभी तक किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं की है, लेकिन राहत और बचाव एजेंसियां संभावित प्रभाव वाले क्षेत्रों की निगरानी कर रही हैं। स्थानीय अधिकारियों द्वारा जल्द ही विस्तृत रिपोर्ट जारी किए जाने की संभावना है।
पेरू में पहले भी कई बार शक्तिशाली भूकंप आ चुके हैं, जिनके कारण बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ऐसे में ताजा भूकंप के बाद सुरक्षा तैयारियों को लेकर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
और पढ़ें: विश्व कप फाइनल से पहले स्पेन को बड़ा झटका, तूफान के कारण रद्द हुआ आखिरी अभ्यास सत्र