OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने अनुमान लगाया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) भविष्य में बिजली और पानी जैसी सामान्य सुविधा बन जाएगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में लोग एआई का उपयोग जितना करेंगे, उतना ही भुगतान करेंगे, जैसे बिजली के मीटर के अनुसार बिल भरा जाता है।
ब्लैकरॉक यूएस इंफ्रास्ट्रक्चर समिट में उन्होंने बताया कि वर्तमान में लोग एआई को एक बड़ी और उद्योग बदलने वाली तकनीक मानते हैं, लेकिन उनका दृष्टिकोण अलग है। उनका कहना है कि एआई रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन जाएगा, जिसे लोग हर दिन इस्तेमाल करेंगे बिना इसके बारे में ज्यादा सोचे।
एआई पहले से ही कार्य संस्कृति में बदलाव ला रहा है। कई कंपनियां एआई का उपयोग उन कार्यों के लिए कर रही हैं, जिन्हें पहले घंटों की मेहनत लगती थी। उदाहरण के लिए, सॉफ़्टवेयर डेवलपमेंट में कोड लिखना या समीक्षा करना अब मिनटों में हो सकता है। शोध प्रयोगशालाओं, वैज्ञानिक विश्लेषण और तकनीकी कार्यों में भी एआई तेजी से फैल रहा है।
और पढ़ें: इंस्टाग्राम से एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन हटाएगा मेटा, 8 मई से निजी चैट की सुरक्षा घटेगी
सैम ऑल्टमैन ने कहा कि भविष्य में एआई बड़ी परियोजनाओं को संभालेगा, जो वर्तमान में कई दिन या सप्ताह तक चलती हैं। इससे व्यवसायों की उत्पादकता, समयसीमा और प्रोजेक्ट प्रबंधन का तरीका पूरी तरह बदल सकता है।
वास्तव में एआई के पीछे विशाल डेटा सेंटर और विशेष हार्डवेयर का बुनियादी ढांचा काम करता है। OpenAI अमेज़न, एनविडिया और सॉफ्टबैंक जैसे बड़े सहयोगियों के साथ मिलकर इस इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखता है।
ऑल्टमैन का मानना है कि अगली पीढ़ियों के लिए एआई किसी नई चीज़ के रूप में नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आवश्यकता के रूप में होगा। यह बिजली या पानी की तरह हमेशा तैयार रहेगा और लोग इसके लिए उतना ही भुगतान करेंगे जितना वे अन्य सुविधाओं के लिए करते हैं।
और पढ़ें: देश में पिछले साल हुई 166 बाघ मौतों में से 41 महाराष्ट्र में दर्ज