अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को एक असामान्य और चौंकाने वाला कदम उठाते हुए ईरान सरकार को धन्यवाद दिया। ट्रंप ने कहा कि ईरान ने सैकड़ों राजनीतिक कैदियों और प्रदर्शनकारियों को फांसी देने की कथित योजना को अमल में नहीं लाया। उनके इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति और मानवाधिकार के मुद्दों पर नई बहस छेड़ दी है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने व्हाइट हाउस से फ्लोरिडा के पाम बीच स्थित अपने मार-ए-लागो एस्टेट के लिए रवाना होते समय पत्रकारों से बातचीत में कहा, “ईरान ने 800 से अधिक लोगों को फांसी देने का फैसला रद्द कर दिया है।” उन्होंने इसे एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम बताया। ट्रंप ने संकेत दिया कि इस फैसले से कई निर्दोष लोगों की जान बच सकती है और उनके परिवारों को राहत मिली होगी।
इससे पहले ट्रंप ने यह दावा किया था कि ईरान में 800 से ज्यादा लोगों को मौत की सजा दी जाएगी, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इस फैसले के पीछे किस स्तर का अंतरराष्ट्रीय दबाव या कूटनीतिक प्रयास रहा।
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ईरान सरकार की ओर से ट्रंप के दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। गौरतलब है कि हाल के वर्षों में ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद बड़ी संख्या में लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। मानवाधिकार संगठनों ने कई बार आरोप लगाया है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों और राजनीतिक असंतुष्टों को कड़ी सजा दी जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। ऐसे में ट्रंप द्वारा ईरान की सार्वजनिक रूप से सराहना किया जाना एक असामान्य कूटनीतिक संकेत माना जा रहा है। यह बयान आने वाले समय में दोनों देशों के संबंधों और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार चर्चा पर क्या असर डालेगा, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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