अमेरिका ने 2025 में 3,800 से अधिक भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया। यह कार्रवाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के अवैध आव्रजन पर कड़े रुख के तहत हुई। विदेश राज्य मंत्री किर्ती वर्धन सिंह ने लिखित उत्तर में बताया कि दिसंबर 2025 के मध्य तक अमेरिका ने 3,414 भारतीयों को डिपोर्ट किया।
सिंह ने कहा कि सरकार लगातार अमेरिकी प्रशासन के साथ संवाद में है और भारतीय नागरिकों के “मानवीय व्यवहार” की आवश्यकता पर जोर दे रही है, ताकि डिपोर्टेशन के दौरान उनकी सुरक्षा और गरिमा बनी रहे।
डाटा के अनुसार, 2025 में भारतीय कौंसुलेट्स से न्यूयॉर्क (47), अटलांटा (31), ह्यूस्टन (234), सैन फ्रांसिस्को (49) और सिएटल (31) में भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया गया।
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सिर्फ अमेरिका ही नहीं, बल्कि सऊदी अरब ने 12,000 से अधिक भारतीयों को डिपोर्ट किया। इसके अलावा मलेशिया, म्यांमार और यूएई ने भी बड़ी संख्या में भारतीय नागरिकों को वापस भेजा। पड़ोसी देश चीन ने भी भारतीयों को डिपोर्ट किया।
इससे यह स्पष्ट होता है कि वैश्विक स्तर पर अवैध आव्रजन और वीज़ा उल्लंघनों के चलते भारतीय नागरिकों को लगातार डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ रहा है। भारतीय सरकार इन मामलों में अपने नागरिकों के हित की रक्षा के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
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