अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने सोमवार तड़के ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का नया दौर शुरू किया। सेंटकॉम के अनुसार, यह लगातार नौवीं रात है जब अमेरिकी सेना ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बना रही है। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना बताया गया है, जिनका इस्तेमाल होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले व्यावसायिक जहाजों और नागरिक नाविकों पर हमलों के लिए किया जाता है।
सेंटकॉम ने बताया कि उत्तरी इराक में मार गिराए गए एक ईरानी ड्रोन के विस्फोटक अवशेषों को नियंत्रित तरीके से निष्क्रिय करने के दौरान एक अमेरिकी सैनिक की मौत हो गई, जबकि दूसरा सैनिक मामूली रूप से घायल हो गया। मृत सैनिक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है। इस घटना के बाद अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए हवाई हमले शुरू कर दिए।
फीफा विश्व कप फाइनल के बाद वॉशिंगटन लौट रहे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान पर किए गए ताजा हमले हाल में शहीद हुए अमेरिकी सैनिकों के सम्मान में किए गए हैं। उन्होंने कहा, "हमने आज रात फिर बहुत कड़ा प्रहार किया है। यह हमारे महान देशभक्त सैनिकों के सम्मान में किया गया है।" ट्रंप ने यह भी दोहराया कि अमेरिका किसी भी स्थिति में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा।
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इस बीच, ओमान के तट के पास होर्मुज जलडमरूमध्य में एक जहाज में आग लगने की घटना भी सामने आई। हालांकि आग लगने के कारणों का तत्काल पता नहीं चल सका।
वहीं, ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई तेज कर दी है। ईरान के अनुसार, लोरेस्तान प्रांत से दुश्मन के ठिकानों की ओर मिसाइलों की नई खेप दागी गई है। इसके बाद बहरीन, जॉर्डन और कुवैत ने ईरानी ड्रोन और मिसाइलों के खतरे को देखते हुए अपनी वायु रक्षा प्रणालियां सक्रिय कर दी हैं।
उधर, बहरीन में स्थित अमेरिकी दूतावास ने राजधानी मनामा के कुछ इलाकों को संभावित निशाना बनाए जाने की चेतावनी जारी की है। वहीं इज़राइल ने भी आशंका जताई है कि जॉर्डन की ओर दागी गई मिसाइलों के कारण उसकी सीमा तक आग फैल सकती है। पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है।
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