भारत में वर्ष 2026 की ब्रिक्स अध्यक्षता के तहत चंडीगढ़ में आयोजित 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बैठक में सदस्य देशों ने सार्वजनिक स्वास्थ्य, स्वास्थ्य समानता और मजबूत स्वास्थ्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 16वें ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा-पत्र को सर्वसम्मति से अपनाया।
“बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी” विषय पर आयोजित इस बैठक में ब्रिक्स देशों के स्वास्थ्य मंत्री, प्रतिनिधिमंडलों के प्रमुख, वरिष्ठ अधिकारी और सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक में वैश्विक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने और आपसी सहयोग को मजबूत करने पर व्यापक चर्चा हुई।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने वर्चुअल माध्यम से बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जन-केंद्रित नीतियों, डिजिटल स्वास्थ्य अवसंरचना और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के माध्यम से व्यापक सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि टिकाऊ विकास के लिए मजबूत और समान स्वास्थ्य व्यवस्था बेहद आवश्यक है।
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बैठक में भारत ने अपनी प्राथमिकताओं के तहत ब्रिक्स क्षय रोग (टीबी) अनुसंधान नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया। मंत्री ने कहा कि विश्व में टीबी के लगभग आधे मामलों का बोझ ब्रिक्स देशों पर है, इसलिए अनुसंधान, नवाचार और टीकों तथा उपचार तक समान पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है।
भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए ब्रिक्स एकीकृत प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली पर एक उप-कार्य समूह के गठन को भी मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य संक्रामक रोगों की निगरानी, सूचना साझा करने और समन्वित प्रतिक्रिया को मजबूत करना है।
बैठक के दौरान ब्रिक्स डिजिटल हेल्थ आर्किटेक्चर कंपेंडियम जारी किया गया। भारत ने आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन प्लेटफॉर्म के अनुभव साझा करते हुए बताया कि डिजिटल तकनीक दूरदराज के क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों की रोकथाम के लिए ब्रिक्स मिशन फॉर हेल्दी लाइफस्टाइल और वर्ष 2026-2029 की संयुक्त कार्ययोजना को भी मंजूरी दी गई। इसके साथ ही मानसिक स्वास्थ्य के क्षेत्र में भारत ने ब्रिक्स मानसिक स्वास्थ्य उत्कृष्टता केंद्र नेटवर्क की स्थापना की घोषणा की, जिसका समन्वय राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य एवं तंत्रिका विज्ञान संस्थान (निम्हांस) करेगा।
बैठक में पारंपरिक चिकित्सा, वैक्सीन अनुसंधान, सार्वजनिक स्वास्थ्य संस्थानों के नेटवर्क और किफायती दवाओं व चिकित्सा तकनीकों तक समान पहुंच को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। समापन अवसर पर जगत प्रकाश नड्डा ने कहा कि यह घोषणा-पत्र केवल एक सहमति दस्तावेज नहीं, बल्कि ब्रिक्स देशों के बीच दीर्घकालिक स्वास्थ्य सहयोग का मजबूत आधार बनेगा।
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