केरल के त्रिपुनिथुरा स्थित सरकारी संस्कृत कॉलेज के छात्रसंघ चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने सभी प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है। इस परिणाम के साथ लंबे समय से छात्रसंघ पर प्रभाव रखने वाले स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) को इस बार पीछे रहना पड़ा। कॉलेज का छात्रसंघ चुनाव महात्मा गांधी विश्वविद्यालय, कोट्टायम के नियमों के तहत आयोजित होता है।
एबीवीपी के अनुसार, संगठन ने चुनाव में सभी 12 सामान्य सीटों पर जीत हासिल की। इससे पहले पिछले चुनाव में भी एबीवीपी ने कॉलेज में बहुमत हासिल किया था। इस बार का परिणाम उसके संगठनात्मक विस्तार के रूप में देखा जा रहा है।
एबीवीपी ने परिणाम को एसएफआई की नीतियों के प्रति छात्रों की प्रतिक्रिया बताया है। संगठन के एक प्रतिनिधि ने आरोप लगाया कि पिछले एसएफआई नेतृत्व वाले छात्रसंघों ने संस्कृत को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त प्रयास नहीं किए और छात्र निधि के इस्तेमाल तथा छात्र कार्यक्रमों को लेकर भी सवाल उठाए। ये आरोप एबीवीपी की ओर से लगाए गए हैं।
और पढ़ें: DUSU चुनाव में ABVP की जीत पर कांग्रेस पर बीजेपी का निशाना, यूथ की गूंज नैरेटिव पर साधा निशाना
चुनाव में स्निग्धा एम. हरि को चेयरपर्सन और आदित्य टी. ए. को वाइस चेयरपर्सन चुना गया। विग्नेश भट्ट ने महासचिव का पद जीता, जबकि विग्नेश डी. मैगजीन एडिटर और अंजलि टी. आर्ट्स क्लब सेक्रेटरी चुनी गईं।
निवेद्या के. एन. ने यूनिवर्सिटी यूनियन काउंसलर का पद हासिल किया। शिवानी आर. और अवनी सी. बी. क्रमशः सेकेंड यूजी रिप्रेजेंटेटिव और सेकेंड पीजी रिप्रेजेंटेटिव चुनी गईं।
यह परिणाम त्रिपुनिथुरा में छात्र राजनीति के बदलते समीकरणों के बीच आया है। हालांकि कॉलेज छात्रसंघ चुनाव और स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग राजनीतिक प्रक्रियाएं हैं, लेकिन दोनों में हालिया बदलावों ने क्षेत्र में छात्र और स्थानीय राजनीति पर ध्यान बढ़ाया है।
और पढ़ें: DUSU की नई सचिव रिया छावड़ी कौन हैं? बास्केटबॉल खिलाड़ी से छात्र राजनीति तक का सफर