पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के बीच राजनीतिक माहौल बेहद गरमाया हुआ है। दक्षिण 24 परगना जिले के फलता इलाके में हिंदू समुदाय के लोगों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष चुनाव की मांग की और सुरक्षा बढ़ाने की अपील की।
इसी बीच टीएमसी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें चुनाव आयोग के उस निर्देश को चुनौती दी गई थी कि मतगणना के दौरान केवल केंद्रीय बलों और सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को सुपरवाइजर के रूप में तैनात किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग का सर्कुलर गलत नहीं है और इसे लागू किया जाएगा।
चुनाव आयोग ने भी आश्वासन दिया है कि 13 अप्रैल के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाएगा। साथ ही यह भी स्पष्ट किया गया है कि मतगणना के दौरान टीएमसी सहित सभी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
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दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि एग्जिट पोल में संभावित हार के डर से मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बौखलाई हुई हैं। हालांकि ममता बनर्जी ने इन अनुमानों को खारिज करते हुए चौथी बार सत्ता में वापसी का दावा किया है।
इस बीच चुनाव आयोग के आदेश पर शनिवार को डायमंड हार्बर और मग्राहाट पश्चिम विधानसभा क्षेत्रों के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया जा रहा है। बीजेपी ने पहले इन बूथों पर ईवीएम में गड़बड़ी और धांधली के आरोप लगाए थे।
तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी सहित सभी राज्यों में मतगणना 4 मई को होगी, जिसके बाद चुनावी तस्वीर साफ हो जाएगी।
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