केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार (11 जनवरी 2026) को केरल के सबरीमाला मंदिर में हुई स्वर्ण चोरी की घटना को लेकर मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर तीखा हमला किया और इस मामले की निष्पक्ष जांच किसी तटस्थ जांच एजेंसी से कराए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिन लोगों से सबरीमाला की संपत्ति की रक्षा नहीं हो सकी, वे जनता की आस्था की भी रक्षा नहीं कर सकते।
अमित शाह केरल में आगामी विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा के ‘मिशन 2026’ कार्यक्रम का उद्घाटन करने और स्थानीय निकायों के नवनिर्वाचित भाजपा प्रतिनिधियों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दावा किया कि केरल में केवल भाजपा ही श्रद्धालुओं की आस्था की सुरक्षा कर सकती है।
गृह मंत्री ने कहा कि सबरीमाला में सोने की चोरी केवल केरल के लोगों की चिंता नहीं है, बल्कि पूरे देश के करोड़ों श्रद्धालुओं से जुड़ा मामला है। उन्होंने बताया कि उन्होंने इस प्रकरण की एफआईआर देखी है और आरोप लगाया कि जिस तरह से एफआईआर तैयार की गई है, उससे यह स्पष्ट होता है कि इसका उद्देश्य आरोपियों को बचाना है।
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अमित शाह ने आरोप लगाया कि इस मामले में एलडीएफ से जुड़े दो लोग संदेह के घेरे में हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसी स्थिति में निष्पक्ष जांच कैसे संभव हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को भी इस मामले में पूरी तरह दोषमुक्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि उसके कुछ नेताओं की संलिप्तता के सबूत सामने आए हैं।
उन्होंने मुख्यमंत्री विजयन से मांग की कि इस मामले की जांच तुरंत किसी तटस्थ एजेंसी को सौंपी जाए। अमित शाह ने कहा, “भाजपा इस मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन करेगी और घर-घर जाकर जागरूकता अभियान चलाएगी। यह लोकतंत्र है, विजयन, और आपको निष्पक्ष एजेंसी से जांच के आदेश देने होंगे।”
राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि दुनिया भर में साम्यवाद खत्म हो चुका है और पूरे भारत में कांग्रेस समाप्ति की ओर है। उन्होंने दावा किया कि केरल का विकास केवल भाजपा सरकार के तहत ही संभव है। अमित शाह ने कहा कि केरल में भाजपा की जीत एक कठिन चुनौती है, लेकिन पार्टी का अंतिम लक्ष्य कमल के निशान के तहत सरकार बनाना और भाजपा का मुख्यमंत्री स्थापित करना है।
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