आंध्र प्रदेश सरकार ने समुद्र में लापता हुए छह मछुआरों के परिवारों को बड़ी राहत देते हुए प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की है। राज्य सरकार की ओर से कुल 60 लाख रुपये की अनुग्रह राशि (एक्स-ग्रेशिया) दी गई है। यह सहायता विशाखापत्तनम तट के पास समुद्र में लापता हुए मछुआरों के परिजनों को प्रदान की गई।
बुधवार, 8 जुलाई 2026 को विशाखापत्तनम स्थित मैकेनाइज्ड बोट ऑपरेटर्स एसोसिएशन भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आंध्र प्रदेश के आबकारी एवं खान मंत्री कोल्लू रविंद्र ने पीड़ित परिवारों को सहायता राशि के चेक सौंपे। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि और मछुआरा संगठनों के नेता भी मौजूद रहे।
सरकार द्वारा दी गई 10 लाख रुपये की सहायता राशि में 5 लाख रुपये मत्स्य विभाग की ओर से और 5 लाख रुपये मुख्यमंत्री राहत कोष (सीएमआरएफ) से शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, इस आर्थिक सहायता का उद्देश्य हादसे से प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत पहुंचाना और उनकी आर्थिक परेशानियों को कम करना है।
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कार्यक्रम में लापता मछुआरों के परिवारों के सदस्यों को चेक सौंपे गए। इनमें रागुतुला लक्ष्मी, के. मौनिका, के. नारायणम्मा, ए. लक्ष्मी और के. दामयंती सहित अन्य परिजन शामिल थे।
समुद्र में मछुआरों के लापता होने की घटना के बाद राज्य सरकार लगातार राहत और बचाव कार्यों की निगरानी कर रही थी। मछुआरा समुदाय ने सरकार की इस सहायता के लिए आभार जताया और प्रभावित परिवारों को जल्द से जल्द न्याय व मदद उपलब्ध कराने की मांग की।
आंध्र प्रदेश सरकार ने कहा है कि वह मछुआरों की सुरक्षा और उनके परिवारों के कल्याण के लिए आवश्यक कदम उठाती रहेगी। समुद्री क्षेत्र में काम करने वाले मछुआरों की सुरक्षा को लेकर भी सरकार की ओर से कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है।
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