पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए राज्य में चुनावी माहौल तेज हो गया है। इसी बीच आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए इस चुनाव को केवल एक साधारण चुनाव नहीं, बल्कि “लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई” करार दिया है।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें “कमज़ोर प्रधानमंत्री” बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को कमजोर किया जा रहा है और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से लगभग 27 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए हैं, जो गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने कहा कि यदि नागरिकों के वोट का अधिकार ही सुरक्षित नहीं रहेगा तो लोकतंत्र का अस्तित्व खतरे में पड़ जाएगा। केजरीवाल ने यह भी कहा कि जनता को अब जागरूक होकर अपने अधिकारों की रक्षा करनी होगी और चुनाव प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी।
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AAP प्रमुख ने आगे दावा किया कि इस तरह की घटनाएं केवल पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के कई हिस्सों में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने चुनाव आयोग और अन्य संस्थाओं से भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की।
राज्य में दूसरे चरण के मतदान से पहले विभिन्न राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। सभी दल जनता को अपने पक्ष में करने के लिए लगातार प्रचार अभियान चला रहे हैं।
केजरीवाल के इस बयान ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है और इसे लेकर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएं भी सामने आने की संभावना है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के आरोप चुनावी माहौल को और अधिक तीखा बना सकते हैं।
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