जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उस समय दिलचस्प नज़ारा देखने को मिला जब बीजेपी की पहली बार विधायक बनी देवयानी राणा ने केंद्र शासित प्रदेश के बजट पर तीखा हमला बोला, लेकिन इसके बावजूद सत्तारूढ़ नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के विधायकों ने उनके भाषण की सराहना की और मेज थपथपाकर उनका उत्साह बढ़ाया।
देवयानी राणा का यह विधानसभा में पहला भाषण था। इससे पहले स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने सभी सदस्यों से नागरोटा सीट से उपचुनाव जीतकर आईं नई विधायक को प्रोत्साहित करने की अपील की थी। यह सीट उनके पिता और पूर्व नेता देविंदर सिंह राणा के निधन के बाद खाली हुई थी। देविंदर सिंह राणा लंबे समय तक नेशनल कॉन्फ्रेंस से जुड़े रहे और उमर अब्दुल्ला के करीबी माने जाते थे, लेकिन कुछ साल पहले वह बीजेपी में शामिल हो गए थे।
शुक्रवार को मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने वित्त मंत्री के रूप में 1.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। अगले दिन देवयानी राणा ने 12 मिनट के अपने भाषण में आंकड़ों के साथ सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आपदा प्रबंधन और राहत के लिए बजट को पिछले साल के 719 करोड़ रुपये से घटाकर 350.76 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जो चिंताजनक है। उन्होंने याद दिलाया कि हाल के वर्षों में जम्मू क्षेत्र में बाढ़, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से भारी नुकसान हुआ है, इसलिए इस क्षेत्र में कटौती गलत है।
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उन्होंने शिक्षा बजट में 193 करोड़ रुपये की कमी पर भी सवाल उठाए और कहा कि इससे स्कूल बंद या विलय हो सकते हैं, जिससे गरीब बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होगी। इसके अलावा उन्होंने दिव्यांगों के लिए मुफ्त बस सेवा में सुविधाओं की कमी पर भी सरकार को घेरा।
हालांकि उन्होंने बजट की कड़ी आलोचना की, लेकिन उनके भाषण के अंत में सभी दलों के विधायकों ने मेज थपथपाकर उनका स्वागत किया। यह विधानसभा में स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपरा का उदाहरण माना जा रहा है।
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