भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा (Meta) को इंस्टाग्राम पर कथित रूप से बच्चों के यौन शोषण से जुड़े विज्ञापनों के मामले में तलब करने का फैसला किया है। यह कार्रवाई केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव के निर्देश पर की गई है।
सूत्रों के अनुसार, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के अधिकारियों को मेटा के प्रतिनिधियों को बुलाकर इस गंभीर मुद्दे पर स्पष्टीकरण मांगने को कहा गया है।
यह कदम उस रिपोर्ट के बाद उठाया गया है, जो ब्रिटिश ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (BBC) ने प्रकाशित की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इंस्टाग्राम पर भारत में ऐसे विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं जो बच्चों के यौन शोषण से संबंधित सामग्री को बढ़ावा देते हैं।
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रिपोर्ट के अनुसार, इन विज्ञापनों में “रेप वीडियो” और “चाइल्ड वीडियो” जैसे शब्दों का उपयोग किया गया और उपयोगकर्ताओं को टेलीग्राम चैनलों से जोड़ा गया, जहां कथित तौर पर 99 रुपये में ऐसी सामग्री बेची जा रही थी।
मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मेटा ने कहा कि जिन विज्ञापनों और खातों से यह सामग्री जुड़ी थी, उन्हें हटा दिया गया है और कुछ यूआरएल (URLs) भी ब्लॉक कर दिए गए हैं। कंपनी ने कहा कि वह लगातार ऐसी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए तकनीकी निगरानी प्रणाली का उपयोग कर रही है।
वहीं टेलीग्राम ने भी बताया कि उसने 2026 में अब तक 2.74 लाख से अधिक चैनल और ग्रुप्स को हटाया है, जो बच्चों से जुड़े दुरुपयोग को बढ़ावा दे रहे थे।
यह इस सप्ताह दूसरी बार है जब सरकार ने मेटा को तलब किया है। इससे पहले बुधवार को व्हाट्सएप के प्रस्तावित “यूजरनेम” फीचर को लेकर भी सरकार ने चिंता जताई थी, क्योंकि इससे पहचान की नकल (impersonation) और धोखाधड़ी की आशंका बताई गई थी।
सरकार ने तब तक इस फीचर के लॉन्च पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे जब तक संतोषजनक जवाब नहीं मिलते।
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