उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इसी क्रम में राज्यसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कानपुर में तुलसी जयंती के अवसर पर आयोजित मानस संगम कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी और विपक्षी नेताओं पर जमकर निशाना साधा।
दिनेश शर्मा ने कहा कि समाजवादी पार्टी इस समय भ्रम की स्थिति में है। उन्होंने पीडीए के अर्थ को लेकर सपा पर तंज कसते हुए कहा कि पहले पीडीए में ‘पी’ का मतलब पीड़ित और पिछड़ा बताया गया, जबकि अब इसे पंडित बताया जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन पंडितों को पहले सपा की सभाओं और प्रेस कॉन्फ्रेंस से दूर रखा जाता था, अब उन्हीं के प्रति श्रद्धा जताने का प्रयास किया जा रहा है। शर्मा ने कहा कि श्रद्धा केवल नाम लेने से साबित नहीं होती, बल्कि उसे आचरण और कर्म के जरिए दिखाना पड़ता है।
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इटावा में केदारेश्वर मंदिर बनाए जाने की सपा की चर्चा पर उन्होंने कहा कि अभी इटावा में मंदिर भी बनेगा और पूरा परिवार रामलला के दर्शन करने जाएगा। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में लोग रामलला के चरणों में जाएंगे।
दिनेश शर्मा ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले पूजा और भगवान को मानने से इनकार करते थे, वे अब धार्मिक आयोजनों में दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने केजरीवाल के हनुमान चालीसा गाने का भी उल्लेख किया।
उन्होंने सनातनी एकजुटता पर जोर देते हुए अगड़े, पिछड़े, शोषित और दलित वर्गों को साथ लाकर ‘सनातनी घूंसा’ बनाने की अपील की। इस दौरान उन्होंने ‘सियावर रामचंद्र की जय’ और ‘पवनसुत हनुमान की जय’ के नारे भी लगवाए।
कार्यक्रम में मंत्री दयाशंकर मिश्रा, कानपुर सांसद रमेश अवस्थी, विधायक नीलिमा कटियार, एमएलसी अरुण पाठक समेत कई भाजपा नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत भजन और संगीत से हुई तथा अतिथियों को सम्मानित किया गया।
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