भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित ‘आतंकवादी’ टिप्पणी के मामले में नोटिस जारी किया है। आयोग ने इसे गंभीर मानते हुए 24 घंटे के भीतर जवाब मांगा है।
नोटिस में कहा गया है कि प्रथम दृष्टया खड़गे ने आचार संहिता और आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया है। यदि तय समय में जवाब नहीं दिया गया, तो आयोग बिना किसी और सूचना के उचित कार्रवाई करेगा।
इससे पहले, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल, जिसमें केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, किरण रिजिजू और अन्य नेता शामिल थे, ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर खड़गे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
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सीतारमण ने कहा कि खड़गे ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रधानमंत्री को ‘आतंकवादी’ कहा, जो जनता के जनादेश और लोकतांत्रिक व्यवस्था का अपमान है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस समय निराशा में इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर रही है, खासकर तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के चुनावों के बीच।
किरण रिजिजू ने इस बयान को “आपत्तिजनक” बताते हुए कहा कि खड़गे और कांग्रेस को देश से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को इस तरह की भाषा में संबोधित करना अस्वीकार्य है और आयोग को सख्त उदाहरण पेश करना चाहिए।
वहीं दूसरी ओर, खड़गे ने सफाई देते हुए कहा कि उनका मतलब प्रधानमंत्री को वास्तविक अर्थ में आतंकवादी कहना नहीं था, बल्कि उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री सरकार की एजेंसियों का इस्तेमाल कर विपक्ष को डराने और दबाने का काम कर रहे हैं।
इस पूरे विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है और अब चुनाव आयोग के अगले कदम पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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