केंद्रीय ग्रामीण विकास और संचार राज्य मंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने शनिवार को कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए समाज को सामूहिक रूप से जिम्मेदारी लेनी चाहिए, क्योंकि बच्चे अपने अधिकारों के लिए खुद संघर्ष नहीं कर सकते। उन्होंने यह बयान बच्चों के अधिकारों की रक्षा और उनके खिलाफ अपराधों की रोकथाम के लिए आयोजित एक जागरूकता कार्यक्रम में दिया।
केंद्रीय मंत्री ने देशभर में बाल सुरक्षा के बारे में चिंताजनक आंकड़े साझा किए। 2023 के आंकड़ों के अनुसार, भारत में बाल अपराधों के लगभग 1.7 लाख मामले दर्ज हुए। इनमें से 45 प्रतिशत मामले अपहरण के थे और 38 प्रतिशत मामले "बालकों से यौन अपराधों से संरक्षण अधिनियम" (POCSO) के तहत थे।
पेम्मासानी चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और आंध्र प्रदेश में बाल श्रम के मामले लगभग 55 प्रतिशत हैं, जो देश के लिए गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बाल सुरक्षा एक सामूहिक जिम्मेदारी है और सभी को मिलकर इसे सुनिश्चित करना होगा।
और पढ़ें: कर्नाटक CM सिद्धारमैया ने 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर सख्त प्रतिबंध की घोषणा
केंद्रीय मंत्री ने समाज, सरकार और संस्थाओं से अपील की कि वे बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कदम उठाएं और उन्हें उनके अधिकार दिलाने में मदद करें, ताकि बच्चों को एक सुरक्षित भविष्य मिल सके।
और पढ़ें: हाईकोर्ट ने मुख्य सचिव को POCSO अधिनियम की जागरूकता बढ़ाने का निर्देश दिया