दिल्ली के तुर्कमान गेट क्षेत्र में स्थित मस्जिद और दरगाह सैयद फ़ैज़-ए-इलाही के आसपास की जमीन को लेकर विवाद एक बार फिर चर्चा में है। बुधवार तड़के (7 जनवरी) नगर निगम दिल्ली (MCD) ने मस्जिद के आसपास कथित अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।
MCD की इस कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों ने विरोध किया और आरोप है कि कुछ लोगों ने पथराव किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का आंसू गैस (टीयर गैस) का प्रयोग करना पड़ा। पुलिस ने इस मामले में एक एफआईआर दर्ज की है और अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
विवाद की जड़ में 0.195 एकड़ भूमि है, जिसे लेकर लंबे समय से कानूनी और प्रशासनिक खींचतान चली आ रही है। निगम का दावा है कि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग की है और इस पर अवैध निर्माण किया गया था, जिसे हटाना जरूरी था। वहीं, स्थानीय लोगों और मस्जिद से जुड़े पक्षों का कहना है कि यह स्थान ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का है तथा यहां दशकों से धार्मिक गतिविधियां होती रही हैं।
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बताया जाता है कि यह मामला कई वर्षों से अलग-अलग मंचों पर उठता रहा है और समय-समय पर प्रशासन द्वारा नोटिस भी जारी किए गए। हालांकि, हालिया कार्रवाई अचानक हुई, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि बिना पर्याप्त संवाद और वैकल्पिक व्यवस्था के तोड़फोड़ की गई।
पुलिस और प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और इलाके में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे। MCD का तर्क है कि कार्रवाई अदालती आदेशों और नियमों के तहत की गई, जबकि विरोध करने वालों का कहना है कि मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जाना चाहिए था।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर दिल्ली में धार्मिक स्थलों, सार्वजनिक भूमि और अतिक्रमण से जुड़े संवेदनशील मुद्दों को सामने ला दिया है।
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