गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ एवं तेज बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की है। उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक बेहतर चिकित्सा सुविधाएं पहुंचाने के लिए 51 दोपहिया मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह पहली बार है जब गुजरात राज्य में इस प्रकार की दोपहिया मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयों की शुरुआत की गई है। सरकार का उद्देश्य उन दूरस्थ और दुर्गम इलाकों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है, जहां सड़क या परिवहन की सीमित सुविधा के कारण लोग समय पर इलाज नहीं ले पाते हैं।
मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने कहा कि राज्य सरकार का फोकस अंतिम छोर तक विकास और स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने पर है। आदिवासी क्षेत्रों में अक्सर प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं की कमी देखी जाती है, ऐसे में ये मोबाइल स्वास्थ्य इकाइयां लोगों के लिए जीवन रक्षक साबित होंगी।
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इन दोपहिया वाहनों को आवश्यक दवाइयों, प्राथमिक चिकित्सा उपकरणों और स्वास्थ्य जांच सुविधाओं से लैस किया गया है। स्वास्थ्यकर्मी इन वाहनों के माध्यम से गांव-गांव जाकर लोगों की जांच करेंगे और जरूरत पड़ने पर प्राथमिक उपचार भी उपलब्ध कराएंगे।
राज्य स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, इस योजना से हजारों लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहां स्वास्थ्य केंद्र दूर स्थित हैं। यह पहल मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
सरकार का मानना है कि यह नवाचार ग्रामीण और आदिवासी स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करेगा और समय पर इलाज उपलब्ध कराकर गंभीर बीमारियों को रोकने में मदद करेगा।
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