गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य में संभावित अल-नीनो (El Nino) परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। यह बैठक मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमानों को ध्यान में रखते हुए आयोजित की गई।
राज्य सरकार के प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा संभावित अल-नीनो प्रभाव की चेतावनी को देखते हुए राज्य सरकार ने व्यापक स्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर एकीकृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है।
बैठक में कृषि, जल संसाधन, आपदा प्रबंधन, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास जैसे प्रमुख विभागों की भूमिका पर विशेष चर्चा की गई। सरकार का उद्देश्य संभावित सूखे या कम वर्षा जैसी परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटना है, ताकि किसानों और आम जनता पर इसका न्यूनतम प्रभाव पड़े।
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मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जिलों में स्थिति की नियमित निगरानी की जाए और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही, जल संरक्षण और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
प्रवक्ता मंत्री जीतू वाघाणी ने कहा कि राज्य सरकार किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और सभी विभागों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि संभावित जल संकट को देखते हुए वैकल्पिक योजनाओं पर भी काम किया जा रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अल-नीनो की स्थिति मानसून को प्रभावित कर सकती है, जिससे वर्षा में कमी आने की संभावना रहती है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार पहले से ही सतर्कता और तैयारी के मोड में है।
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