केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने गुरुवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक का उद्देश्य आगामी मानसून और मानसून के बाद के मौसम में डेंगू और मलेरिया जैसी वेक्टर जनित बीमारियों से निपटने की तैयारियों का आकलन करना था।
बैठक में देशभर में मौजूदा स्वास्थ्य व्यवस्था, अस्पतालों की तैयारी, दवाओं की उपलब्धता, जांच सुविधाओं और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र की समीक्षा की गई। मंत्रालय के अधिकारियों ने विभिन्न राज्यों में चल रही तैयारियों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने निर्देश दिया कि राज्यों के साथ समन्वय को और मजबूत किया जाए ताकि किसी भी क्षेत्र में बीमारी के फैलाव को समय रहते रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि जागरूकता अभियान को तेज किया जाए ताकि लोग साफ-सफाई और मच्छर नियंत्रण के उपायों के प्रति अधिक सतर्क रहें।
और पढ़ें: पीएमएसएमए के 10 वर्ष पूरे होने पर देशव्यापी समारोह, नड्डा जारी करेंगे 75 रुपये का स्मारक सिक्का और 5 रुपये का डाक टिकट
बैठक में यह भी चर्चा हुई कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में निगरानी व्यवस्था को मजबूत किया जाए। विशेष रूप से उन इलाकों पर ध्यान देने को कहा गया जहां हर साल डेंगू और मलेरिया के मामले अधिक दर्ज होते हैं।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार राज्यों को तकनीकी सहायता, दवाएं और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह तैयार है। साथ ही, समय-समय पर समीक्षा बैठकें कर स्थिति पर नजर रखी जाएगी।
जे.पी. नड्डा ने अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया दी जाए और मरीजों को समय पर इलाज उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि रोकथाम और समय पर कार्रवाई ही इन बीमारियों से निपटने का सबसे प्रभावी तरीका है।
मानसून से पहले की यह तैयारी देश में जनस्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
और पढ़ें: प्रिय मित्र नरेंद्र से जय हिंद तक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का हिंदी में भावुक विदाई संदेश