उत्तराखंड सरकार ने वरिष्ठ वन अधिकारी संजीव चतुर्वेदी, जो वर्तमान में मुख्य वन संरक्षक एवं उत्तराखंड फॉरेस्ट्री ट्रेनिंग अकादमी, हल्द्वानी के निदेशक के रूप में कार्यरत हैं, को केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदान कर दिया है।
यह एनओसी उन्हें लोकपाल (भारत) में संयुक्त सचिव स्तर के पद पर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के लिए दी गई है। सरकारी आदेश के अनुसार, यह कदम प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत लिया गया है, जिससे उनके केंद्रीय सेवा में योगदान का मार्ग प्रशस्त होगा।
सूत्रों के अनुसार, संजीव चतुर्वेदी एक अनुभवी भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी हैं और पर्यावरण संरक्षण, प्रशासनिक सुधार तथा पारदर्शिता से जुड़े मामलों में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही है। उनके अनुभव को देखते हुए केंद्र सरकार ने उन्हें लोकपाल जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में जिम्मेदारी देने का निर्णय लिया है।
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राज्य सरकार द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि यह निर्णय प्रशासनिक आवश्यकताओं और केंद्र-राज्य समन्वय को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। एनओसी मिलने के बाद अब उनकी नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।
लोकपाल, जो देश में भ्रष्टाचार विरोधी संस्थान के रूप में कार्य करता है, में उनकी संभावित भूमिका को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियुक्ति से लोकपाल की कार्यक्षमता और जांच प्रक्रियाओं को और मजबूती मिल सकती है।
यह कदम राज्य और केंद्र सरकार के बीच सहयोग और दक्ष प्रशासनिक अधिकारियों के बेहतर उपयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
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