भारत के खेल कैलेंडर के लिए यह एक ऐतिहासिक उपलब्धि है कि वह वर्ष 2027 में एशियाई राइफल/पिस्टल शूटिंग चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा, जहां 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक के लिए आठ कोटा स्थान दांव पर होंगे। यह प्रतियोगिता दिल्ली में आयोजित की जाएगी और इसके साथ ही भारत एक ही ओलंपिक चक्र में दो क्वालीफाइंग शूटिंग इवेंट्स की मेजबानी करने वाला पहला देश बन जाएगा।
एशियाई प्रतियोगिता में मिलने वाले आठ कोटा स्थान, अगले वर्ष अप्रैल 21 से 30 तक दिल्ली में होने वाले आईएसएसएफ वर्ल्ड कप (राइफल/पिस्टल/शॉटगन) में उपलब्ध 12 कोटा स्थानों के अतिरिक्त होंगे। यानी भारतीय निशानेबाजों को घरेलू मैदान पर कुल 20 ओलंपिक कोटा जीतने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
एशियाई शूटिंग परिसंघ (ASC) ने नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) के अध्यक्ष कालीकेश सिंह देव को पत्र लिखकर इस आयोजन की पुष्टि की है। पत्र में भरोसा जताया गया है कि भारत इस चैंपियनशिप को उच्चतम मानकों के साथ सफलतापूर्वक आयोजित करेगा। NRAI ने बताया कि एशियाई क्वालीफायर की तारीखें जल्द तय की जाएंगी।
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NRAI अध्यक्ष कालीकेश सिंह देव ने कहा कि घरेलू लाभ के साथ दो बड़े क्वालीफाइंग इवेंट्स भारतीय निशानेबाजों के लिए बड़ी उपलब्धि होंगे। वहीं, NRAI के महासचिव पवनकुमार सिंह ने इसे देश के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि इससे भारतीय शूटिंग की बढ़ती साख और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का भरोसा झलकता है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि भारतीय निशानेबाज इन मौकों का पूरा फायदा उठाकर अधिकतम 24 कोटा स्थान हासिल करेंगे, जो पेरिस ओलंपिक से पहले मिले 22 कोटों से भी अधिक होंगे।
गौरतलब है कि दिल्ली 4 फरवरी 2026 से करणी सिंह शूटिंग रेंज में इस वर्ष की एशियाई राइफल/पिस्टल चैंपियनशिप की भी मेजबानी करेगा, जिसमें 20 देशों के 300 से अधिक जूनियर और सीनियर निशानेबाज हिस्सा लेंगे।
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