भारत की शूटिंग कोचिंग टीम के एक प्रमुख सदस्य अंकुश भारद्वाज पर फरीदाबाद में एक नाबालिग महिला शूटर के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है। इस मामले के सामने आने के बाद राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। NRAI ने पुष्टि की है कि भारद्वाज के खिलाफ फरीदाबाद में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
NRAI के सचिव राजीव भाटिया ने बताया कि संगठन ने नैतिक आधार पर कोच को निलंबित किया है और उन्हें कारण बताओ नोटिस भी जारी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक अंकुश भारद्वाज किसी भी कोचिंग गतिविधि से नहीं जुड़ेंगे। भाटिया ने स्पष्ट किया कि अब भारद्वाज को स्वयं को निर्दोष साबित करना होगा।
NRAI सचिव के अनुसार, पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद 37 सदस्यीय कोचिंग स्टाफ में भारद्वाज को शामिल करने की सिफारिश NRAI ने ही की थी, जिसके आधार पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने उन्हें कोच नियुक्त किया था। यह कथित यौन उत्पीड़न की घटना सूरजकुंड क्षेत्र से जुड़ी बताई जा रही है।
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हालांकि घटना की सटीक तारीख नहीं बताई गई है, लेकिन पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, पिछले महीने कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में प्रशिक्षण सत्र के बाद उसे निशाना बनाया गया। पीड़ित लड़की अगस्त 2025 से अंकुश भारद्वाज के साथ प्रशिक्षण ले रही थी।
पीड़िता ने अपने बयान में कहा कि इस घटना के बाद वह मानसिक रूप से बेहद आहत हो गई थी और लगातार पूछताछ के बाद उसने 1 जनवरी को अपनी मां के सामने पूरी बात रखी। इसके बाद परिवार ने कानूनी कार्रवाई का फैसला किया।
गौरतलब है कि अंकुश भारद्वाज पूर्व पिस्टल शूटर रह चुके हैं और अपने खेल करियर के दौरान 2010 में बीटा-ब्लॉकर के इस्तेमाल के चलते डोपिंग प्रतिबंध का सामना भी कर चुके हैं।
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