पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद शुक्रवार को एक भीषण धमाके से दहल उठी, जिसमें 70 से अधिक लोगों की मौत हो गई और 250 से ज्यादा लोग घायल हो गए। पुलिस के अनुसार यह धमाका शहजाद टाउन इलाके के तरलाई इमामबर्गाह स्थित एक शिया दरगाह पर शुक्रवार की नमाज के बाद हुआ। प्रारंभिक जांच में इसे आत्मघाती हमला माना जा रहा है। घटना के बाद पूरे शहर में आपातकाल घोषित कर दिया गया और सुरक्षा बलों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया।
धमाके के बाद घायल लोगों को पाकिस्तान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (PIMS) और पॉलीक्लिनिक अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहा है। फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस घटना की कड़ी निंदा करते हुए गहरा दुख व्यक्त किया है।
यह हमला ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान की सेना बलूचिस्तान प्रांत में ‘रद्द-उल-फितना-1’ नाम से बड़ा सैन्य अभियान चला रही है। 26 जनवरी को शुरू हुए इस अभियान में अब तक 216 बलूच विद्रोहियों को मार गिराने का दावा किया गया है, लेकिन इसमें 22 सुरक्षा कर्मियों और 36 नागरिकों की भी मौत हुई है। बलूचिस्तान लंबे समय से अशांति का केंद्र रहा है, जहां अलगाववादी समूह स्वतंत्रता की मांग करते हुए पाकिस्तान सेना और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते रहे हैं।
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गौरतलब है कि पिछले तीन महीनों में इस्लामाबाद में यह दूसरा आत्मघाती हमला है। नवंबर में इस्लामाबाद जिला न्यायिक परिसर के बाहर हुए हमले में 12 लोगों की मौत हुई थी। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पहले इस तरह के हमलों के लिए अफगानिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा था कि यह पूरे पाकिस्तान के खिलाफ युद्ध है।
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