कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शुक्रवार को राज्य का बजट पेश करते हुए महिला गेस्ट लेक्चररों के लिए बड़ा ऐलान किया। उन्होंने घोषणा की कि अब महिला गेस्ट लेक्चररों को 90 दिनों का मातृत्व अवकाश दिया जाएगा। यह सुविधा राज्य के सरकारी फर्स्ट ग्रेड कॉलेज, पॉलिटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में कार्यरत महिला अतिथि शिक्षकों पर लागू होगी और इसे अगले शैक्षणिक सत्र से लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने इस वर्ष विभिन्न सरकारी विभागों में 56,432 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी है। अदालतों में लंबित मामलों के कारण भर्ती में हुई देरी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उम्मीदवारों को 5 साल की आयु सीमा में छूट देने का फैसला किया है।
बजट भाषण के दौरान सिद्धारमैया ने कहा कि कर्नाटक ने एक मजबूत और टिकाऊ विकास मॉडल तैयार किया है, जिसे उन्होंने “11G मॉडल इकोनॉमी” बताया। उन्होंने कहा कि भारत जैसे विविध सांस्कृतिक देश में विकास केवल सहकारी संघीय व्यवस्था के माध्यम से ही संभव है और केंद्र सरकार से कर्नाटक की मांगों के प्रति संवेदनशील रवैया अपनाने की अपील की।
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बजट की प्रमुख घोषणाएं
- महिला गेस्ट लेक्चररों को 90 दिन का मातृत्व अवकाश।
- हेसरघट्टा स्थित सरकारी फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट में साउंड रिकॉर्डिंग, इंजीनियरिंग और सिनेमैटोग्राफी पाठ्यक्रमों के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे।
- छात्रों के खिलाफ जातिगत अत्याचार रोकने के लिए नया रोहित वेमुला अधिनियम लागू किया जाएगा, जो सरकारी, निजी और डीम्ड विश्वविद्यालयों पर लागू होगा।
- कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव आयोजित किए जाएंगे ताकि छात्रों में नेतृत्व क्षमता विकसित हो सके।
वहीं सरकारी सूत्रों के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में जीएसटी दरों में बदलाव समेत अन्य कारणों से राज्य को लगभग 18,000 करोड़ रुपये के राजस्व घाटे का सामना करना पड़ सकता है। सरकार ने 2025-26 के लिए कुल खर्च 4.09 लाख करोड़ रुपये अनुमानित किया है, जिसे घटाकर करीब 3.9 लाख करोड़ रुपये किया जा सकता है।
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