केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि लखनऊ में स्थापित की गई नौसेना शौर्य वाटिका केवल एक स्मारक नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि इस वाटिका का उद्घाटन लखनऊ और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए गर्व और सम्मान का विषय है।
राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि नौसेना शौर्य वाटिका भारतीय नौसेना के शौर्य, पराक्रम, बलिदान और राष्ट्र सेवा की गौरवशाली परंपराओं को प्रदर्शित करेगी। यहां आने वाले लोगों, विशेष रूप से युवाओं को देशभक्ति, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने कहा, “लखनऊ में नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन केवल शहर या राज्य के लिए ही नहीं, बल्कि हम सभी के लिए गर्व का क्षण है। मुझे पूरा विश्वास है कि भविष्य में यह स्थान देशभक्ति और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत करने वाला एक प्रमुख केंद्र बनेगा।”
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रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत की सशस्त्र सेनाओं ने हमेशा देश की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया है। ऐसे स्मारक देशवासियों को उन वीर सैनिकों की याद दिलाते हैं, जिन्होंने राष्ट्र की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित किया।
उन्होंने युवाओं से देश के वीर सैनिकों के संघर्ष और त्याग से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने कहा कि नई पीढ़ी को देश के सैन्य इतिहास और वीरता की गाथाओं से परिचित कराना बेहद आवश्यक है।
नौसेना शौर्य वाटिका में भारतीय नौसेना की उपलब्धियों, ऐतिहासिक अभियानों और वीर जवानों के योगदान को प्रदर्शित किया जाएगा। यह स्थान न केवल पर्यटन का आकर्षण बनेगा, बल्कि राष्ट्रभक्ति और सैन्य गौरव के प्रति जागरूकता बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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