रेल मंत्रालय मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत बुलेट ट्रेन स्टेशनों को मुंबई की मौजूदा उपनगरीय रेलवे नेटवर्क और आगामी मेट्रो लाइनों से सहज रूप से जोड़ने की योजना बना रहा है। यह 508 किलोमीटर लंबा मुंबई–अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल (MAHSR) प्रोजेक्ट जापान सरकार की तकनीकी और वित्तीय सहायता के साथ कार्यान्वित किया जा रहा है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार, 4 फरवरी को लोकसभा में लिखित बयान में कहा, “यात्री कनेक्टिविटी को सहज बनाने के लिए सरकार ने बुलेट ट्रेन स्टेशनों का मुंबई उपनगरीय रेलवे नेटवर्क और आगामी मेट्रो लाइनों के साथ बहुमोडल एकीकरण करने की योजना बनाई है। इसमें बीकेसी स्टेशन पर पैदल मार्ग के माध्यम से मेट्रो लाइन-2बी और मेट्रो लाइन-3 से कनेक्टिविटी शामिल है।”
इस बहुमोडल एकीकरण का उद्देश्य यह है कि बुलेट ट्रेन के यात्रियों को मुंबई के विभिन्न हिस्सों तक पहुँचने में आसानी हो और उन्हें स्टेशन से मेट्रो या लोकल ट्रेन तक जाने में समय की बचत हो। परियोजना के तहत स्टेशन डिजाइन में पैदल मार्ग, इंटरचेंज सुविधा और सहज कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दी जा रही है।
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मुम्बई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना देश में हाई-स्पीड रेल सेवा को मजबूत करेगी और यात्रियों को तेज़, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प प्रदान करेगी। जापान सरकार की तकनीकी और वित्तीय मदद इस परियोजना की सफलता में अहम भूमिका निभा रही है।
रेल मंत्रालय का कहना है कि यह पहल मुंबई और अहमदाबाद के बीच यात्रा को और अधिक सुगम और दक्ष बनाने के लिए महत्वपूर्ण कदम है।
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