प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परिसीमन विधेयक और महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भरोसा जताया है कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के पास लोकसभा में इन्हें पारित कराने के लिए पर्याप्त समर्थन मौजूद है। सूत्रों के अनुसार, यदि संसद के मौजूदा मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के कारण इन विधेयकों पर चर्चा और मतदान नहीं हो पाता है, तो केंद्र सरकार इसी महीने संसद का विशेष सत्र बुलाने पर विचार कर सकती है।
सूत्रों के मुताबिक, संसद सत्र के दौरान शुक्रवार को आयोजित एनडीए सांसदों की नाश्ता बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार को अब तक लगभग 366 सांसदों का समर्थन प्राप्त हो चुका है। बैठक में शिवसेना, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) और अन्य सहयोगी दलों सहित करीब 45 सांसद शामिल हुए।
बैठक के दौरान प्रधानमंत्री ने सांसदों से व्यक्तिगत रूप से भी बातचीत की और उनके संसदीय क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों तथा जनसंपर्क से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि परिसीमन की प्रक्रिया में सभी संसदीय क्षेत्रों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
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सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने सांसदों से युवाओं, विशेषकर जनरेशन ज़ेड (Gen Z) के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और सरकार की योजनाओं तथा उपलब्धियों को उनके बीच प्रभावी ढंग से पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने किसानों, श्रमिकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से नियमित संपर्क बनाए रखने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री ने पूर्वोत्तर भारत के विकास को सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताते हुए कहा कि क्षेत्र के समग्र विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एनडीए में किसी सहयोगी दल का महत्व उसके सांसदों की संख्या से नहीं, बल्कि गठबंधन में उसकी भूमिका से तय होना चाहिए।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने संसद में लगातार हो रहे गतिरोध पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच है और इसकी कार्यवाही सुचारु रूप से चलना देशहित में आवश्यक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार और विपक्ष के बीच संवाद से जल्द ही गतिरोध समाप्त होगा।
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