प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह परियोजना राज्य के किसानों, छोटे व्यापारियों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगी। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, नागरिक उड्डयन मंत्री किन्जारापु राम मोहन नायडू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री ने इस एयरपोर्ट को क्षेत्रीय विकास और कनेक्टिविटी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया और इसे “नए भारत की नई ऊर्जा का प्रतीक” कहा। उन्होंने कहा कि यह परियोजना उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगी और आसपास के क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचाएगी।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा, “यह एयरपोर्ट पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर लेकर आएगा। यह विकसित उत्तर प्रदेश की पहचान बनेगा।” उन्होंने कहा कि आज ‘विकसित उत्तर प्रदेश, विकसित भारत’ अभियान का एक नया अध्याय शुरू हो रहा है।
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प्रधानमंत्री ने बताया कि इस एयरपोर्ट से आगरा, मथुरा, गाजियाबाद, मेरठ, इटावा जैसे कई शहरों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे अधिक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण लगभग 11,200 करोड़ रुपये की लागत से पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित किया गया है। यह एयरपोर्ट मल्टी-मोडल ट्रांसपोर्ट हब के रूप में तैयार किया गया है, जिसमें सड़क, रेल, मेट्रो और क्षेत्रीय परिवहन की सुविधा होगी।
इसकी प्रारंभिक यात्री क्षमता 1.2 करोड़ प्रति वर्ष है, जिसे भविष्य में 7 करोड़ तक बढ़ाया जा सकता है। साथ ही, कार्गो हब की शुरुआती क्षमता 2.5 लाख मीट्रिक टन है, जिसे 18 लाख मीट्रिक टन तक बढ़ाया जा सकेगा।
पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया संकट का जिक्र करते हुए कहा कि भारत हर चुनौती का मजबूती से सामना कर रहा है और सरकार आम जनता व किसानों पर बोझ नहीं पड़ने देगी।
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