ओडिशा सरकार ने राज्य में गरीब वर्ग के लिए 2.91 लाख अतिरिक्त घर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस योजना के लिए धन की व्यवस्था उस 3500 करोड़ रुपये के कोष से की जाएगी, जिसे पहले मकानों की मरम्मत से जुड़े कार्यों के लिए अलग रखा गया था।
राज्य सरकार के अनुसार, आवास योजना के तहत पहले मरम्मत के मद में निर्धारित धनराशि अब नए घरों के निर्माण के लिए मोड़ी जाएगी, ताकि बेघर और कच्चे मकानों में रह रहे परिवारों को पक्के घर मिल सकें। इस फैसले से राज्य के उन लाखों परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है, जो अब तक सरकारी आवास योजनाओं से वंचित रह गए थे या जिनके मकान जर्जर अवस्था में हैं।
सरकार का मानना है कि मौजूदा संसाधनों के पुनर्आवंटन से अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना अधिक से अधिक परिवारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी। मरम्मत मद के तहत रखी गई राशि का उपयोग अब नए मकानों के निर्माण में किया जाएगा, जिससे 2.91 लाख नए घर बनाए जा सकेंगे।
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इस कदम को ओडिशा सरकार की ग्रामीण और शहरी गरीबों के लिए आवास उपलब्धता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। राज्य में आवास की मांग लगातार बढ़ रही है, और सरकार का लक्ष्य है कि अधिक से अधिक पात्र परिवारों को पक्का मकान मिल सके, ताकि वे सुरक्षित और स्थायी आवास में रह सकें।
इस निर्णय से यह भी संकेत मिलता है कि राज्य सरकार अपने मौजूदा वित्तीय संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए प्राथमिकताओं के अनुसार धन का आवंटन कर रही है। मरम्मत कार्यों के लिए रखी गई राशि को नए निर्माण की ओर मोड़ना यह दर्शाता है कि सरकार नए घरों के निर्माण को फिलहाल अधिक प्राथमिकता दे रही है।
आवास की यह योजना राज्य की समग्र विकास नीति का हिस्सा है, जिसके तहत गरीब और वंचित वर्गों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इस पहल से ओडिशा में आवास क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव आने की संभावना है, और आने वाले समय में इसका लाभ राज्य के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले गरीब परिवारों तक पहुंचेगा।
सरकार की ओर से इस योजना के क्रियान्वयन से जुड़ी आगे की प्रक्रिया और समयसीमा को लेकर जल्द ही विस्तृत जानकारी साझा किए जाने की उम्मीद है।
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