दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनके परिवार और निजी जीवन से जुड़ी बातें फिर चर्चा में हैं। नाना पाटेकर की पत्नी नीलकांती पाटेकर खुद भी मराठी रंगमंच और सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री रही हैं। खास बात यह है कि पढ़ाई में बेहद मेधावी नीलकांती ने आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास करने के बावजूद इंजीनियरिंग का रास्ता छोड़कर अभिनय को अपना करियर चुना।
नीलकांती का जन्म महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उनके पिता केंद्रीय उत्पाद शुल्क विभाग में कार्यरत थे, जिसके कारण परिवार को अलग-अलग शहरों में रहना पड़ा। उन्होंने विज्ञान विषय में रुचि लेते हुए भौतिकी में स्नातक किया। पिता की इच्छा पर उन्होंने आईआईटी प्रवेश परीक्षा दी और सफलता हासिल की। हालांकि, रंगमंच के प्रति अपने लगाव के कारण उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई आगे नहीं बढ़ाई।
नीलकांती ने मराठी थिएटर से अभिनय की शुरुआत की। वर्ष 1973 में महाराष्ट्र राज्य नाटक प्रतियोगिता में उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का स्वर्ण पदक मिला। अभिनय के साथ आर्थिक स्थिरता के लिए उन्होंने बैंक में नौकरी भी की, लेकिन रंगमंच के प्रति उनका जुनून बना रहा।
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थिएटर के दौरान उनकी मुलाकात नाना पाटेकर से हुई। दोनों ने वर्ष 1978 में शादी की। वैवाहिक जीवन में उतार-चढ़ाव भी आए और एक समय दोनों अलग रहने लगे, लेकिन उनका रिश्ता कानूनी रूप से समाप्त नहीं हुआ।
नीलकांती ने मराठी फिल्मों में भी काम किया। वर्ष 1989 में आई फिल्म ‘आत्मविश्वास’ में उनके अभिनय के लिए उन्हें महाराष्ट्र सरकार का सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री पुरस्कार मिला। बाद में वह विक्की कौशल और रश्मिका मंदाना की फिल्म ‘छावा’ में भी नजर आईं।
नीलकांती की कहानी उनकी शिक्षा और अभिनय, दोनों क्षेत्रों में प्रतिभा को दर्शाती है। आईआईटी परीक्षा पास करने के बाद सुरक्षित करियर छोड़कर रंगमंच चुनना उनके जीवन का महत्वपूर्ण फैसला रहा।
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