प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले के भोगापुरम में बने अल्लूरी सीताराम राजू अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का उद्घाटन करेंगे। करीब 4,727 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का निर्माण रिकॉर्ड 31 महीनों में पूरा किया गया है। यह परियोजना राज्य के विमानन क्षेत्र और उत्तर आंध्र के आर्थिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
पहले चरण में यह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा प्रतिवर्ष 60 लाख यात्रियों की आवाजाही संभालने में सक्षम होगा। भविष्य की मास्टर प्लानिंग के तहत इसकी क्षमता बढ़ाकर 4 करोड़ यात्रियों प्रति वर्ष तक की जाएगी। हवाई अड्डे का विकास तीन चरणों में किया जा रहा है, जिससे आने वाले वर्षों में बढ़ती हवाई यात्रा की मांग को पूरा किया जा सके।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह लगभग 11 बजे नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद वह राज्यपाल एस. अब्दुल नज़ीर और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के साथ हवाई अड्डे का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद प्रधानमंत्री खुले वाहन में जनसभा स्थल तक जाएंगे, जहां 13,500 से अधिक आदिवासी महिलाएं और छात्र-छात्राएं पारंपरिक ढीमसा नृत्य के माध्यम से उनका स्वागत करेंगे।
और पढ़ें: 20 जुलाई के चलो संसद मार्च में असामाजिक तत्व घुस आए थे, घायल दिल्ली पुलिस एसआई की पत्नी ने जांच की मांग की
प्रधानमंत्री की जनसभा सुबह 11:30 बजे से दोपहर 12:55 बजे तक प्रस्तावित है। इसके बाद वह दोपहर 1:10 बजे नई दिल्ली के लिए रवाना होंगे।
भोगापुरम ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सबसे बड़ी विशेषता इसकी 3,800 मीटर लंबी कोड 4ई श्रेणी की रनवे है, जिस पर बड़े यात्री विमानों का संचालन किया जा सकेगा। इसके अलावा यहां आधुनिक एकीकृत यात्री टर्मिनल, कार्गो सुविधाएं और अत्याधुनिक एयरसाइड इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जिससे घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों का संचालन संभव होगा।
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने इस हवाई अड्डे को उत्तर आंध्र और तेलुगु समाज के लिए गर्व का विषय बताया है। उनका कहना है कि इससे क्षेत्र में निवेश, रोजगार, पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी। विशेष रूप से विश्व प्रसिद्ध अराकू कॉफी तथा उत्तर आंध्र के पर्यटन स्थलों को वैश्विक पहचान मिलने में मदद मिलेगी। राज्य सरकार ने "विंग्स टू द ड्रीम्स ऑफ नॉर्थ आंध्र" अभियान के माध्यम से इस परियोजना को जन-जन तक पहुंचाने की भी योजना बनाई है।
और पढ़ें: तेजस्विन शंकर ने रचा इतिहास, राष्ट्रमंडल खेल 2026 में डेकाथलॉन का कांस्य पदक जीतकर बनाया नया कीर्तिमान