प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) परिषद द्वारा मंजूर किए गए जीएसटी सुधारों के नए दौर का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इन सुधारों से निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी, अनुपालन की लागत कम होगी और कर प्रशासन अधिक भरोसे पर आधारित बनेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नए उपायों का उद्देश्य कारोबारियों और करदाताओं के लिए जीएसटी व्यवस्था को सरल और सुविधाजनक बनाना है। सुधारों के तहत रिफंड प्रक्रिया को स्वचालित करने पर भी जोर दिया गया है। इससे पात्र करदाताओं को रिफंड प्राप्त करने में लगने वाला समय कम होने की उम्मीद है।
उन्होंने कहा कि सुधारों से अनुपालन संबंधी बोझ घटेगा और कारोबार करने में आसानी बढ़ेगी। प्रधानमंत्री के मुताबिक, जीएसटी व्यवस्था में तकनीक के अधिक इस्तेमाल से प्रक्रियाएं तेज और पारदर्शी हो सकती हैं।
और पढ़ें: देश 5G पहुंच वाले भविष्य की ओर बढ़ रहा: इंडिया मोबाइल कांग्रेस में पीएम मोदी ने टेलीकॉम विकास को सराहा
जीएसटी परिषद ने कर व्यवस्था में कई बदलावों को मंजूरी दी है, जिनका उद्देश्य नियमों को अधिक व्यावहारिक बनाना और करदाताओं के लिए प्रक्रियाओं को आसान करना है। सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था बनाने पर है, जिसमें ईमानदार करदाताओं को अनावश्यक प्रक्रियाओं का सामना न करना पड़े।
प्रधानमंत्री ने इन सुधारों को आर्थिक गतिविधियों को गति देने और कारोबारियों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि भरोसे पर आधारित प्रशासन और कम अनुपालन लागत से देश के व्यापारिक माहौल को मजबूती मिल सकती है।
नए जीएसटी सुधारों के लागू होने के बाद कारोबारियों, उद्योगों और अन्य करदाताओं को प्रक्रियाओं में बदलाव देखने को मिलेंगे। सरकार को उम्मीद है कि इससे कर प्रणाली अधिक सरल, तेज और तकनीक आधारित बनेगी।
और पढ़ें: पीएम मोदी ने नाना पाटेकर के निधन पर शोक जताया, कहा- पीढ़ियां याद रखेंगी उनके किरदार