बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना सत्ता से हटने के बाद पहली बार 5 अगस्त को सार्वजनिक रूप से सामने आएंगी। 78 वर्षीय शेख हसीना नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान वर्चुअल माध्यम से प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगी। वर्ष 2024 में छात्र आंदोलन के बाद उनकी सरकार गिरने के पश्चात वह भारत में रह रही हैं।
यह कार्यक्रम फॉरेन कॉरेस्पॉन्डेंट्स क्लब, साउथ एशिया की ओर से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम सर मार्क टली ऑडिटोरियम, एबी-19, मथुरा रोड, नई दिल्ली में शाम 6 बजे से 7:30 बजे तक आयोजित होगा।
इस कार्यक्रम में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय भी मौजूद रहेंगे। उनके अलावा बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी नोफेल, क्रिकेटर शाकिब अल हसन, पूर्व राजनयिक अनिमुल हक पोलाश, लेखक एवं विश्लेषक अबू ओबैधा आरिन तथा अधिवक्ता शाह मोहम्मद बख्तियार भी शामिल होंगे।
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उल्लेखनीय है कि 5 अगस्त 2024 को छात्र-नेतृत्व वाले व्यापक आंदोलन के बाद शेख हसीना की सरकार सत्ता से बाहर हो गई थी। इसके बाद वह हेलीकॉप्टर से भारत आ गई थीं और तब से नई दिल्ली में रह रही हैं।
हालांकि, शेख हसीना ने इस वर्ष दिसंबर तक बांग्लादेश लौटने की अपनी इच्छा दोहराई है। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने देश वापस जाने का कोई बाहरी दबाव नहीं है, बल्कि यह उनका स्वयं का निर्णय है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में उन्हें सम्मान और गरिमा के साथ रहने का अवसर मिला है।
एक ईमेल साक्षात्कार में शेख हसीना ने कहा कि भारत के साथ उनके प्रत्यर्पण को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है। उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि बांग्लादेश लौटने पर मेरी हत्या हो सकती है, मुझे गिरफ्तार किया जा सकता है या जेल भेजा जा सकता है। मैं अपने भविष्य से पूरी तरह परिचित हूं, लेकिन फिर भी मैं अपने देश लौटना चाहती हूं क्योंकि मेरे लोग मुझे वापस बुला रहे हैं।"
गौरतलब है कि बांग्लादेश की एक अदालत ने शेख हसीना के खिलाफ मृत्युदंड का फैसला भी सुनाया है, जिसके बावजूद उन्होंने अपने देश लौटने का संकल्प दोहराया है।
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