भारतीय सेना की दक्षिणी कमान का अलंकरण समारोह 6 और 7 फरवरी को अहमदाबाद में आयोजित किया गया, जिसमें साहस, वीरता और राष्ट्र के प्रति विशिष्ट सेवा के लिए 34 सैन्यकर्मियों और 33 इकाइयों को सम्मानित किया गया। यह समारोह भारतीय सेना की गौरवशाली परंपराओं और मूल्यों का प्रतीक रहा।
आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दक्षिणी कमान के जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ ने 34 विशिष्ट सैन्यकर्मियों को उनकी असाधारण बहादुरी, पेशेवर दक्षता और कर्तव्यनिष्ठा के लिए अलंकरण प्रदान किए। इसके अलावा, 33 इकाइयों को परिचालन उत्कृष्टता, पेशेवर उपलब्धियों और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए “जीओसी-इन-सी, साउदर्न कमांड यूनिट सिटेशन” से सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान सेना कमांडर को औपचारिक गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जो भारतीय सेना की समृद्ध परंपराओं, अनुशासन और गौरवशाली विरासत को दर्शाता है। अपने संबोधन में लेफ्टिनेंट जनरल सेठ ने कहा कि यह अलंकरण समारोह असाधारण साहस, निस्वार्थ सेवा और पेशेवर उत्कृष्टता को सम्मानित करने का अवसर है।
और पढ़ें: सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी का पुंछ के अग्रिम इलाकों का दौरा, परिचालन तैयारियों की समीक्षा
उन्होंने कहा कि यह अवसर देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीदों और राष्ट्र की सेवा में विशिष्ट योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों की अमर विरासत से प्रेरणा भी लेता है। दक्षिणी कमान की तैयारियों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने इसकी उच्च परिचालन तत्परता, संयुक्त कार्यक्षमता और बहु-क्षेत्रीय क्षमताओं का उल्लेख किया, जो हालिया अभियानों और सैन्य अभ्यासों में स्पष्ट रूप से देखने को मिली हैं।
समारोह में विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों को वेटरन अचीवर्स अवार्ड्स भी प्रदान किए गए। इसके साथ ही हथियारों और उपकरणों की प्रदर्शनी में आधुनिक हथियार प्रणालियों और प्लेटफार्मों का प्रदर्शन किया गया, जो भारतीय सेना के आधुनिकीकरण और ‘डिकेड ऑफ ट्रांसफॉर्मेशन’ के तहत तकनीकी सशक्तिकरण को दर्शाता है।
इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारी, रक्षा विशेषज्ञ, आमंत्रित अतिथि, वीर नारियाँ और वीर माताएँ उपस्थित रहीं। समारोह राष्ट्रभक्ति, गर्व और सम्मान की भावना से परिपूर्ण रहा, जिसने भारतीय सेना के साहस, अनुशासन, बलिदान और निस्वार्थ सेवा के मूल्यों को और सुदृढ़ किया।
और पढ़ें: देशभक्ति के जोश में दिए बयान पर एमपी मंत्री विजय शाह ने फिर मांगी माफी