भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए वॉयस और एसएमएस वाले प्लान को लेकर नए नियम जारी किए हैं। दूरसंचार उपभोक्ता संरक्षण (13वां संशोधन) विनियम, 2026 के तहत सभी दूरसंचार कंपनियों को ऐसे किफायती प्लान उपलब्ध कराने होंगे, जिनमें डेटा की सुविधा शामिल नहीं होगी।
नए नियमों का उद्देश्य खास तौर पर फीचर फोन इस्तेमाल करने वाले और मोबाइल डेटा का कम या बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करने वाले ग्राहकों को उनकी जरूरत के मुताबिक रिचार्ज विकल्प उपलब्ध कराना है। कंपनियों को वॉयस और एसएमएस आधारित प्लान अलग-अलग वैधता अवधि के साथ पेश करने होंगे।
ट्राई ने क्यों बदले नियम?
ट्राई के अनुसार, 2024 में 12वें संशोधन के बाद यह सामने आया कि दूरसंचार कंपनियां साधारण कॉल और एसएमएस वाले प्लान के विकल्प कम कर रही थीं। कई प्लान लंबी अवधि के लिए उपलब्ध थे या उनमें डेटा भी शामिल था। इससे ऐसे ग्राहकों को अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता था, जिन्हें मोबाइल इंटरनेट की जरूरत नहीं है।
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ट्राई ने 7 अप्रैल 2026 को इस मुद्दे पर सार्वजनिक परामर्श शुरू किया था। इसमें एक हजार से अधिक प्रतिक्रियाएं मिलीं। जून में इस संबंध में विस्तृत चर्चा भी की गई। इसके बाद नए संशोधन तैयार किए गए।
नए नियमों में क्या है?
दूरसंचार कंपनियों को अब कम कीमत वाले वॉयस और एसएमएस-ओनली वाउचर उपलब्ध कराने होंगे। इनमें 30 दिन या उससे कम की वैधता वाला विकल्प शामिल करना होगा। साथ ही, ऐसा मासिक प्लान भी देना होगा जो हर महीने उसी तारीख को नवीनीकृत हो। यदि किसी महीने में वह तारीख मौजूद न हो, तो अंतिम तारीख को नवीनीकरण किया जा सकेगा।
इसके अलावा, कंपनियों को कम से कम एक ऐसा वॉयस और एसएमएस प्लान भी देना होगा, जिसकी वैधता सामान्य डेटा-बंडल प्लान के बराबर हो।
ट्राई का कहना है कि इससे ग्राहक केवल उन्हीं सेवाओं के लिए भुगतान कर सकेंगे, जिनकी उन्हें वास्तव में जरूरत है। प्राधिकरण ने अनचाहे व्यावसायिक संचार पर भी नियम कड़े किए हैं, जिनमें एआई आधारित स्पैम पहचान और स्वचालित व्यावसायिक कॉल के लिए नए प्रावधान शामिल हैं।
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