त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने रक्तदान को मानवता की सबसे बड़ी सेवा बताते हुए लोगों, विशेषकर युवाओं से नियमित रूप से रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्त किसी जरूरतमंद व्यक्ति का जीवन बचा सकता है और समाज के प्रति इससे बड़ा योगदान बहुत कम होता है।
एक रक्तदान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्तदान केवल एक सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि मानव जीवन की रक्षा का सबसे प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि दुर्घटनाओं, गंभीर बीमारियों, प्रसव के दौरान महिलाओं तथा विभिन्न प्रकार की सर्जरी कराने वाले मरीजों के लिए समय पर रक्त उपलब्ध होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदाता समाज की अमूल्य सेवा करते हैं।
माणिक साहा ने कहा कि स्वस्थ व्यक्ति के लिए नियमित अंतराल पर रक्तदान करना पूरी तरह सुरक्षित है और इससे स्वास्थ्य पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता। उन्होंने लोगों से रक्तदान से जुड़े भ्रम और गलत धारणाओं को दूर करने का आग्रह करते हुए कहा कि वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाकर अधिक से अधिक लोगों को इस जनसेवा अभियान से जुड़ना चाहिए।
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मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से युवाओं से आगे आने की अपील करते हुए कहा कि नई पीढ़ी की सक्रिय भागीदारी से राज्य में रक्त की कमी की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक सक्षम नागरिक नियमित रूप से रक्तदान करे तो अस्पतालों में किसी भी मरीज को रक्त के अभाव में परेशान नहीं होना पड़ेगा।
उन्होंने रक्तदान शिविरों के आयोजन में सहयोग देने वाले स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक संस्थाओं, चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की भी सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार सुरक्षित और स्वैच्छिक रक्तदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि लोगों की भागीदारी से एक स्वस्थ, संवेदनशील और मानवीय समाज का निर्माण संभव होगा, जहां जरूरतमंदों को समय पर जीवनरक्षक रक्त उपलब्ध कराया जा सके।
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